केदारनाथ यात्रा शुरू हो चुकी है, लेकिन सेंट्रल हेल्थ सर्विसेज के डॉक्टरों का दल अभी तक नहीं पहुंच सका है। दल के न आने से यात्रा की स्वास्थ्य कार्ययोजना खतरे में पड़ गई है।
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आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लिए अक्टूबर माह तक केंद्र के चिकित्सक दलों को रहना था, लेकिन इस माह आने वाली टीम के न पहुंचने से स्वास्थ्य विभाग की मुश्किलें बढ़ गई है।
30 सिंतबर को लौट गई टीम
आपदा को ध्यान में रखकर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने 80 डॉक्टरों की टीम राज्यों के प्रभावित इलाकों के लिए दी थी। सितंबर माह में टीम को घटाकर 30 (15 सामान्य व 15 विशेषज्ञ) कर दिया, जिनकी सेवाएं रुद्रप्रयाग और चमोली जनपद में ली जा रही थी।
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30 सिंतबर को यह टीम लौट गई, लेकिन एक अक्टूबर को 20 नए डॉक्टरों की टीम ने देहरादून में रिपोर्ट नहीं किया। पांच अक्टूबर से केदारनाथ धाम की यात्रा शुरू होने से पहले विभाग ने यात्रा मार्ग तक बेस कैंप तक पांच चिकित्सक कैंप चिन्हित किए हैं। अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग अपने चिकित्सक तैनात करेगा जबकि बेस कैंप और रुद्रप्रयाग में केंद्रीय चिकित्सक दल को तैनात करना है।
टीमों को भेजने की मांग
केंद्रीय चिकित्सक दल के तीन अक्टूबर तक रिपोर्ट न करने पर स्वास्थ्य विभाग ने केंद्र को सूचित कर दिया है। विभाग ने केंद्र से जल्द टीमों को भेजने की मांग की है।
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महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. जीसी जोशी ने बताया कि केंद्र से आने वाला चिकित्सक दल अगर नहीं पहुंचता है तो हम अपने स्तर पर वैकल्पिक व्यवस्था कर देंगे। हालांकि केंद्र को हमने इस संबंध में सूचित कर दिया है।