सुशीला तिवारी अस्पताल के एक डॉक्टर की मां की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसने रात में ही अकेले में गुपचुप तरीके से अंतिम संस्कार भी कर दिया।
एसटीएच के प्रिंसिपल ने मामला संदिग्ध होने पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार एसटीएच के एनेस्थेटिक डॉ. बीपी सिंह निवासी उन्नाव की मां राम चमेली (60) करीब छह माह से बीमार थीं।
पढें, यहां 2014 का सबसे बड़ा सपना है 'सड़क' और 'मोबाइल'
नौ बजे मां की अंत्येष्टि कर दी
बुधवार दोपहर अचानक उनकी मौत हो गई। डॉ. सिंह ने चुपचाप चित्रशिला घाट जाकर रात करीब नौ बजे मां की अंत्येष्टि कर दी।
बृहस्पतिवार सुबह जानकारी होने पर एसटीएच के प्रिंसिपल डा. आरसी पुरोहित ने मेडिकल चौकी में मामला संदिग्ध होने की सूचना दी। पुलिस ने एसटीएच स्थित आवासीय कालोनी में जाकर डॉ. सिंह से पूछताछ की।
पढें, नौ साल का विष्णु है अपने गिरोह का 'सरदार'
छह साल से एसटीएच में कार्यरत
पुलिस के अनुसार डॉ. सिंह करीब छह साल से एसटीएच में कार्यरत हैं। उनका एक भाई संतोष कुमार पैरामिलिट्री फोर्स में कमांडेंट है। श्रीमती राम चमेली करीब तीन साल से उनके साथ रह रही थीं।
वह अकेले ही मां की देखभाल करते थे। जांच के दौरान उनके घर से ढेर सारी दवाएं और कुछ अजीब सी चीजें मिलीं हैं।
मां का इलाज भी करते रहते थे
पुलिस आसपास के लोगों से भी पूछताछ कर रही है कि घर से किसी तरह के लड़ाई-झगड़े की आवाजें तो नहीं सुनी गई थीं। डॉ. सिंह घर पर ही मां का इलाज भी करते रहते थे।
पढें, पूर्व क्रिकेटर ब्रेट ली बेचेंगे अल्मोड़ा के उत्पाद
सीओ लोकजीत सिंह ने बताया फिलहाल हत्या जैसा कोई मामला सामने नहीं आया है। कुछ परिस्थितियां संदिग्ध हैं, जिनकी पड़ताल की जा रही है।