जिलाधिकारी के इस सख्त फैसले के बाद टीचरों की दिक्कतें बढ़नी तय मानी जा रही है। अधिकारियों को बिना बताए स्कूल से गायब रहने पर राजकीय प्राथमिक विद्यालय खेड़ी शिकोहपुर के दो अध्यापकों पर गाज गिरी है। ग्रामीणों की शिकायत पर डीएम ने एक अध्यापक को निलंबित करने और दूसरे का वेतन रोकने के आदेश दिए हैं।
सोमवार को प्राथमिक विद्यालय खेड़ी शिकोहपुर खुला तो स्कूली बच्चे स्कूल के मैदान में घूमते रहे। जब काफी देर तक बच्चे क्लास में नहीं गए तो ग्रामीणों ने बच्चों से बाहर घूमने का कारण पूछा, बच्चों में स्कूल में गुरुजी के न होने की बात बताई। तभी ग्रामीणों ने स्कूल के बाहर घूम रहे स्कूली बच्चों की फोटो खींचकर डीएम दीपक रावत को व्हाटसअप कर दी।
उसके बाद डीएम को फोन कर पूरा घटनाक्रम बता दिया। ग्रामीणों ने डीएम को बताया विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापक नरेंद्र तंवर और धीर सिंह सप्ताह में अधिकांश दिन गायब रहते हैं। डीएम ने पुष्टि करने के लिए जिलाशिक्षा अधिकारी (बेसिक) ब्रह्मपाल सैनी को सोमवार के अवकाश के लिए संबंधित अध्यापकों की ओर से प्रार्थना पत्र दिखाने को कहा।
डीईओ (बेसिक) की ओर से खंड शिक्षा अधिकारी भगवानपुर भिक्कमसिंह से संबंधित अध्यापकों के बावत जानकारी मांगी गई। बीईओ की ओर से जब अध्यापकों से बात की गई तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। बीईओ ने डीईओ (बेसिक) को अध्यापकों के छुट्टी के आवेदन से इंकार किया।
इसके बाद में डीईओ (बेसिक) ब्रह्मपाल सिंह सैनी ने डीएम को बताया कि उक्त दोनों अध्यापक बिना अवकाश के ही विद्यालय से गायब थे। जिस पर डीएम दीपक रावत ने सहायक अध्यापक नरेंद्र तोमर को निलंबित करने और सहायक अध्यापक धीर सिंह के वेतन रोकने के आदेश दिए।
अध्यापकों के निलंबित होने की सूचना के बाद दिनभर अन्य स्कूलों के अध्यापकों में भी हड़कंप मचा रहा।