शहर की सड़कों पर जल रिसाव से बने गड्ढों और जर्जर विद्युत खंभों को लेकर डीएम एवं स्मार्ट सिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. आर राजेश कुमार ने मंगलवार को अफसरों को हिदायत देते हुए व्यवस्था सुधारने को कहा। डीएम ने अफसरों का स्पष्टीकरण तलब कर जवाब संतोषजनक न होने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम और जनसुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
अमर उजाला ने 10 मई 2022 के अंक में दोनों जन समस्याओं से संबंधित तस्वीरें प्रकाशित की थी। इसका संज्ञान लेते हुए डीएम ने बैठक लेकर अफसरों के पेंच कसे और कहा कि शहर में कई स्थानों पर जल रिसाव से सड़कों पर बन रहे गड्ढों और सड़कों में पड़ी विद्युत केबल/अपूर्ण कार्य से अप्रिय घटना होने की संभावना रहती है। डीएम ने अधिशासी अभियंता (दक्षिण) जल संस्थान एवं अधिशासी अभियंता ऊर्जा निगम का स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश एडीएम को देते हुए तीन दिन में संतोषजनक जवाब न देने पर आपदा प्रबंधन और जनसुरक्षा एक्ट में कार्रवाई को कहा है। साथ ही संतोषजनक जवाब न होने पर स्मार्ट सिटी के कार्यों को संबंधित संस्थान/विभाग से वापस लेने की चेतावनी दी। उधर, एडीएम ने अधिशासी अभियंता जल संस्थान और ऊर्जा निगम से तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा है।
पाइपलाइन रिसाव से भी बढ़ा रही समस्या
स्मार्ट सिटी के कार्यों में आए दिन शिकायतें मिल रहीं, जिसमें पानी की पाइप लाइन रिसाव से शहर के कई आंतरिक मार्गों पर पानी जमा हो रहा है, जबकि भूमिगत विद्युत लाइन के कार्यों में लेटलतीफी और लापरवाही से सड़कों पर अव्यवस्थित पड़ी केबल आदि सामग्री, अधूरे कार्य दुर्घटनाओं का कारण बन रहे है। डीएम के बार-बार निर्देशित करने के बाद भी कार्यों में कोई रुचि नहीं ली जा रही है। इसे लेकर डीएम ने नाराजगी जताते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए।