राजधानी देहरादून में दिवाली से पहले ही ग्रीन दिवाली मनाने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा था। लेकिन कम ही लोगों ने इसे माना। हालांकि दिवाली पर पटाखे जलाना आम बात है लेकिन अगर सावधानी पूवर्क इसे न जलाया जाय तो इससे खतरे भी बहुत हैं।
बीती रात दिवाली के दिन राजधानी दून में पटाखों से 52 लोग चोटिल हुए। दिवाली की रात दून और कोरोनेशन अस्पताल में आतिशबाजी से घायल, चोटिल 52 लोग पहुंचे।
आंख की पुतली पर असर
रविवार रात से सोमवार सुबह तक 40 मरीज दून अस्पताल पहुंचे। इनमें से तीन बच्चों का चेहरा झुलस गया है। एक बच्चे की आंख की पुतली पर असर पड़ा है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. बीसी रमोला ने बताया कि मंगलवार को बच्चे की आंख की पुतली का आपरेशन किया जाएगा। अन्य मरीजों को प्राथमिक उपचार करने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
दूसरी ओर, कोरोनेशन अस्पताल में सोमवार सुबह नौ बजे तक 12 मरीज आतिशबाजी से झुलसे पहुंचे थे, जिन्हें इलाज के बाद घर भेज दिया गया। चिकित्सकों ने बताया कि दीपावली की रात आतिशबाजी से जले मरीजों के आने का सिलसिला बना रहा। पिछले साल गिने चुने मरीज ही आए थे।