देहरादून। दिव्यांग कल्याण विभाग बनाने समेत 18 मांगों को लेकर दिव्यांगों ने मंगलवार को काला दिवस मनाया। नंदा देवी निर्धन दिव्यांग कल्याण एसोसिएशन के बैनर तले दिव्यांगों ने सीएम आवास कूच की भी तैयारी की थी, लेकिन मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद कूच का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया।
परेड ग्राउंड में मंगलवार को दर्जनों दिव्यांगजन नंदा देवी निर्धन दिव्यांग कल्याण एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष बसंत थपलियाल के नेतृत्व में एकत्र हुए थे। इस दौरान दिव्यांगों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। दिव्यांगों ने आरोप लगाया कि सरकार उनके हकों की अनदेखी कर रही है। लंबे समय से मांग हो रही है कि दिव्यांग कल्याण विभाग को समाज कल्याण विभाग से अलग किया जाए। इसको आयुक्त दिव्यांगजन विभाग से जोड़ा जाए। बावजूद इसके सरकार ने इस ओर कोई कदम नहीं उठा रही है। इसके साथ दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 पूर्ण तरीके से लागू कर यूनिवर्सल आईडी बनाने की मांग भी की गई। इस दौरान उमा ढौंडियाल, मनवीर सिंह, आशा रावत, सरफराज अहमद, योगेंद्र सिंह, अशोक कुमार सत्यपाल थलवाल आदि मौजूद रहे।
ये हैं मांगें
-दिव्यांग दंपत्ति में एक को शैक्षिक योग्यता के आधार पर स्थाई नौकरी।
-पेंशन एक हजार से बढ़ा कर ढाई हजार रुपये मासिक की जाए
-सरकारी-गैरसरकारी विभागों में चार फीसदी दिव्यांग बैकलॉग कोटा।
-तिब्बती मार्केट की तर्ज पर दिव्यांगों के लिए मंडियों में 20 प्रतिशत फड़ ठेली।
-सिटी बस, ऑटो, थ्री व्हीलर का निशुल्क परमिट दिया जाए।
-स्वरोजगार प्रशिक्षण, बैठक, रात्रि विश्राम के लिए दून में दिव्यांग भवन का निर्माण।
-सीएम राहत कोष एवं अन्य जनप्रतिनिधि निधि से कृत्रिम उपकरणों का कोटा निर्धारित हो।
-निशुल्क चिकित्सा व शहरी आवास योजना में 50 वर्ग मीटर भूखंड आवंटन।
-दिव्यांगों की आर्थिक सर्वेक्षण गणना कराई जाए।