प्राधिकरण सक्रिय न हुए तो कैसे लागू होंगे मास्टर प्लान
सरकार प्रदेश के 63 निकायों का मास्टर प्लान तैयार करा रही है। अमृत 2.0 योजना के तहत छोटे शहरों का भी मास्टर प्लान बनेगा। जब तक प्राधिकरण सक्रिय नहीं होंगे, तब तक इस मास्टर प्लान को लागू नहीं किया जा सकेगा। चौड़ी सड़कों के लिए जरूरी है कि सड़कों के किनारे नियमानुसार निर्माण हों। जोशीमठ भू-धंसाव के बाद ये बात भी सामने आई थी कि प्राधिकरणों के न होने की वजह से नियम विरुद्ध कई मंजिला इमारतें बन गईं थीं। प्राधिकरण होंगे तो नक्शा पास होगा और तय मानकों में ही निर्माण हो सकेंगे।
ये भी पढ़ें...उत्तराखंड: व्यावसायिक शिक्षा के लिए छात्रों को हर साल मिलेंगे तीन हजार, इसी महीने शुरू होगा हब एंड स्पोक मॉडल
53 पदों पर निकाली भर्ती, नहीं मिले योग्य अभ्यर्थी
उत्तराखंड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण ने प्रदेश के 11 जिला स्तरीय विकास प्राधिकरणों ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, टिहरी, पौड़ी, चमोली, उत्तरकाशी, बागेश्वर, चंपावत और रुद्रप्रयाग के लिए 53 पदों पर अस्थायी भर्तियां अगस्त माह में निकाली थीं। इसमें जूनियर इंजीनियर के 34, असिस्टेंट इंजीनियर के 08 और आर्किटेक्ट, असिस्टेंट आर्किटेस्ट के 11 पद शामिल हैं। आवास विभाग के मुताबिक, पहली विज्ञप्ति के हिसाब से योग्य अभ्यर्थी नहीं मिल पाए। अब दोबारा भर्ती निकाली जाएगी।