फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Uttarakhand News: हवाई दूरी पर जिला विकास प्राधिकरणों का फैसला हवाई, पांच माह में शासनादेश नहीं

Mon, 11 Sep 2023 03:10 PM IST
रेनू सकलानी आफताब अजमत, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

प्राधिकरणों का दायरा पर्वतीय क्षेत्रों में हाईवे के 50 मीटर हवाई दूरी और मैदानी क्षेत्रों में 100 मीटर हवाई दूरी तक होगा। प्राधिकरण का परिक्षेत्र घटाने के साथ ही नक्शा पास कराने का शुल्क (उप विभाजन शुल्क, विकास शुल्क, पर्यवेक्षण शुल्क आदि) को 50 प्रतिशत कम किया गया था।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पहाड़ में मनमाने, बेतरतीब निर्माण पर लगाम लगाने के लिए पांच माह पहले सरकार ने जिला स्तरीय विकास प्राधिकरणों को सक्रिय करने का जो निर्णय कैबिनेट बैठक में लिया था, वह अभी तक हवा-हवाई है। इसका शासनादेश जारी नहीं हो पाया, जिसके चलते नए क्षेत्र प्राधिकरणों के दायरे में नहीं आ पाए।

नतीजतन, पहाड़ में मनमाने निर्माण जारी हैं। प्राधिकरणों का दायरा पर्वतीय क्षेत्रों में हाईवे के 50 मीटर हवाई दूरी और मैदानी क्षेत्रों में 100 मीटर हवाई दूरी तक होगा। प्राधिकरण का परिक्षेत्र घटाने के साथ ही नक्शा पास कराने का शुल्क (उप विभाजन शुल्क, विकास शुल्क, पर्यवेक्षण शुल्क आदि) को 50 प्रतिशत कम किया गया था।

प्रदेश के जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण अभी तक स्थगित हैं। यानी उनके दायरे में आने वाले क्षेत्रों में नए निर्माण का नक्शा पास कराने की अनिवार्यता नहीं है। अगर कोई होम लोन या अन्य किसी वजह से नक्शा पास कराना चाहता है तो करा सकता है।

विज्ञापन


इस वजह से पहाड़ में मनमाने और बेतरतीब निर्माण धड़ल्ले से हो रहे हैं। प्राधिकरण सक्रिय होने के बाद ही इन पर रोक लग सकेगी। मामले में, अपर मुख्य सचिव आवास आनंद बर्द्धन का कहना है कि शासनादेश जारी होने की प्रक्रिया चल रही है।

विज्ञापन

प्राधिकरण सक्रिय न हुए तो कैसे लागू होंगे मास्टर प्लान

सरकार प्रदेश के 63 निकायों का मास्टर प्लान तैयार करा रही है। अमृत 2.0 योजना के तहत छोटे शहरों का भी मास्टर प्लान बनेगा। जब तक प्राधिकरण सक्रिय नहीं होंगे, तब तक इस मास्टर प्लान को लागू नहीं किया जा सकेगा। चौड़ी सड़कों के लिए जरूरी है कि सड़कों के किनारे नियमानुसार निर्माण हों। जोशीमठ भू-धंसाव के बाद ये बात भी सामने आई थी कि प्राधिकरणों के न होने की वजह से नियम विरुद्ध कई मंजिला इमारतें बन गईं थीं। प्राधिकरण होंगे तो नक्शा पास होगा और तय मानकों में ही निर्माण हो सकेंगे।

ये भी पढ़ें...उत्तराखंड: व्यावसायिक शिक्षा के लिए छात्रों को हर साल मिलेंगे तीन हजार, इसी महीने शुरू होगा हब एंड स्पोक मॉडल

53 पदों पर निकाली भर्ती, नहीं मिले योग्य अभ्यर्थी

उत्तराखंड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण ने प्रदेश के 11 जिला स्तरीय विकास प्राधिकरणों ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, टिहरी, पौड़ी, चमोली, उत्तरकाशी, बागेश्वर, चंपावत और रुद्रप्रयाग के लिए 53 पदों पर अस्थायी भर्तियां अगस्त माह में निकाली थीं। इसमें जूनियर इंजीनियर के 34, असिस्टेंट इंजीनियर के 08 और आर्किटेक्ट, असिस्टेंट आर्किटेस्ट के 11 पद शामिल हैं। आवास विभाग के मुताबिक, पहली विज्ञप्ति के हिसाब से योग्य अभ्यर्थी नहीं मिल पाए। अब दोबारा भर्ती निकाली जाएगी।

 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें