फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किया गजब काम ताकि महामहिम रहें खुश!

Sat, 21 Sep 2013 12:45 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
विज्ञापन
वैसे तो राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के चरित्र पर किसी तरह का संदेह तो नहीं किया जा सकता लेकिन जिला प्रशासन देहरादून ने महामहिम को खुश करने के लिए गजब काम कर दिया है।
विज्ञापन


जिला प्रशासन ने महामहिम को खुश करने के चक्कर में केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिसम्बर 2011 के आदेशों की अवहेलना कर डाली।

पढ़ें, बड़ी खबरः चैंपियन ने किया सरेंडर, जमानत भी मिली

अब इसे राजभवन की हनक ही कहिए कि देहरादून के जिला मजिस्ट्रेट बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने पुलिस सत्यापन के बिना ही महामहिम को 12 बोर की राईफल का लाइसेंस जारी कर दिया।

विपक्ष ने उठाया मुद्दा
विपक्ष ने विधानसभा के भीतर राज्यपाल को दिए गए शस्त्र लाइसेंस को सीधे कानून व्यवस्था से जोड़ा। लेकिन कानूनी पहलुओं पर ध्यान नहीं गया।

पढ़ें, यूकेडी (पी) के अजब-गजब नारों का दुबई कनेक्शन

शस्त्र लाईसेंस के लिए आर्म्स एक्ट में उम्र की समय सीमा तो नहीं है लेकिन एक उम्र के बाद फिजिकल फिटनेस का प्रमाण पत्र देना होता है।

फिजकल फिटनेस ही गायब
लाईसेंस जारी करने वाली अथॉरिटी को यह सुनिश्चित करना होता है कि शस्त्र धारण करने वाला व्यक्ति फिजिकली फिट भी है या नहीं।

दिसम्बर 2011 में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को आदेश जारी किया कि जिला मजिस्ट्रेट बगैर पुलिस की सत्यापन किसी भी व्यक्ति को शस्त्र लाईसेंस जारी नहीं करेंगे।
विज्ञापन


पढ़ें, तैयार रहिए...बदरीनाथ अब दूर नहीं!

पुलिस को नहीं मिली पत्रावली
लेकिन जिला मजिस्ट्रेट देहरादून को राजभवन की हनक के सामने सरेंडर करना पड़ा। हालांकि यदि जिला प्रशासन चाहता तो एक ही दिन में पुलिस वैरिफिकेशन भी कराया जा सकता था।

लेकिन इसकी जहमत नहीं उठाई। उधर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक केवल खुराना ने कहा कि महामहिम के शस्त्र लाईसेंस से संबंधी कोई पत्रावली पुलिस को नहीं मिली और ना ही पुलिस ने कोई जांच की है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें