पिछले कई दिनों से मंत्री हरक सिंह रावत के आवास में हुए गोलीकांड मसले पर पुलिस को छकाते आ रहे कुवंर प्रणव सिंह चैंपियन ने गढ़ी कैंट थाने में सरेंडर कर दिया है, जहां से उन्हें तत्काल जमानत भी मिल गई है।
कुवंर प्रणव सिंह चैंपियन के मामले में चौतरफा विरोध झेल कर चुप्पी साधे बैठी सरकार ने अब राहत की सांस ले ली लेकिन विरोधियों को अब नए सवाल भी मिल गए हैं।
कुंजवाल ने खोला था राज
गौरतलब है कि शुक्रवार को ही इस मसले पर विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने सरकार की मुश्किलें बढ़ाने के साथ ही पुलिस का काम आसान कर दिया।
शुक्रवार को उन्होंने खुलासा करते हुए कहा था कि फायरिंग करने वाला शख्स खानपुर विधायक प्रणव चैंपियन था। वे भी इस फायरिंग में बाल-बाल बचे। लेकिन दो कार्यकर्ता घायल हो गए।
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कुंजवाल के इकबालिया बयान के बाद सरकार पर चैंपियन के विरुद्ध कार्रवाई करने का दबाव बढ़ता जा रहा था। सूत्रों की माने तो इसी दबाव में प्रणव चैंपियन ने गढ़ी कैंट थाने में सरेंडर किया जहां से उन्हें जमानत भी मिल गई है।
पुलिस का काम हुआ आसान
कुंजवाल का बयान आने के बाद जिला पुलिस का भी काम आसान हो गया था। राजनीतिक दबाव के चलते अभी तक पुलिस इस मामले में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर ही लीपापोती करती रही थी।
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गेट पर ही किया फायर
अब जबकि विधानसभा अध्यक्ष ने खुद स्वीकार किया कि गोली कांग्रेस के खानपुर से विधायक प्रणव चैंपियन ने चलाई तो चैंपियन ने भी सरेंडर करने में ही अपनी भलाई समझी।
विधानसभा में मीडिया से बातचीत में कुंजवाल ने कहा था कि डिनर पार्टी में पहुंचने के साथ ही चैंपियन ने पहले प्रवेश द्वार पर ही दो फायर झोंके थे।
बाद में पंडाल में पहुंचने पर फायर किया। उसी दौरान एक गोली नीचे की ओर चली, जो उनके पास बैठे दो कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को लग गई।
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बाल-बाल बचे कुंजवाल
वे इस घटना में बाल-बाल बच गए। उनके साथ ही कई मंत्री और विधायक इस डिनर पार्टी में मौजूद थे। उन्होंने चिंता जताई कि किसी भी जनप्रतिनिधि का इस तरह का चरित्र शर्मनाक है।
ऐसे कृत्यों से न सिर्फ सरकार की बल्कि प्रदेश की छवि भी प्रभावित होती है। सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए।
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जल्द होगी कार्रवाई
विधानसभा अध्यक्ष का बयान आने के कुछ देर बाद ही मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने भी कहा कि सरकार जल्द ही इस पर कोई निर्णय ले लेगी।
उन्होंने दोहराया कि पुलिस अपना काम कर रही है और कानून से बड़ा कोई नहीं है। बहुगुणा ने कहा कि संबंधित प्रकरण में विपक्ष द्वारा की जा रही न्यायिक जांच की मांग उचित नहीं है।
सरकार इस मामले में पूरी तरह गंभीर है। कल तक कोई कार्रवाई हो जाएगी, लेकिन कुवंर ने खुद ही मामले में सरेंडर कर सरकार की मुश्किलें थोड़ी कम कर दी हैं।।