राहुल गांधी की रैली के दौरान मंच पर मुख्यमंत्री हरीश रावत और सतपाल महाराज में मिजाज बदले नजर आए। हरीश रावत के सीएम बनने के दिन से ही दोनों की बीच लगातार मनमुटाव की खबरें आ रही थी।
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लेकिन रविवार को सतपाल महाराज के भाषण में की गई हरीश रावत की प्रशंसा से लग रहा है कि रावत की सभी मंत्रियों को साथ लेने की पहल कामयाब हो रही है।
सीएम कर रहे हैं 18 घंटे काम
सतपाल महाराज ने अपने भाषण में कहा कि सीएम हरीश रावत राज्य के विकास के लिए 18 घंटे काम कर रहे हैं। जो रावत के लिए काफी सकारात्मक इशारा है।
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आपको बता दें कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर अंतिम समय में हरीश रावत के लिए सतपाल महाराज सबसे बड़े खलनायक बनकर उभरे थे।
कुछ दिन पहले सांसद सतपाल महाराज सारे शिकवे-गिले भुलाकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत से गले मिले थे। लेकिन दिग्गजों की की मुलाकात को राजनीतिक गलियारे में सौदेबाजी से जोड़कर देखा जा रहा है।
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महाराज के साथ पत्नी और सरकार में मंत्री अमृता रावत भी मौजूद थीं। यह मेल-मुलाकात अमृता रावत को भारी भरकम विभाग दिलाने की मुहिम मानी जा रही है।
रावत से मिलने सचिवालय पहुंचे थे सतपाल
सतपाल महाराज 11 फरवरी को रात के करीब नौ बजे रावत से मिलने सचिवालय पहुंचे। करीब आधा घंटे इन नेताओं के बीच बातचीत हुई।
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सूत्रों की मानें तो सतपाल महाराज की ओर से पिछले दिनों आए कुछ बयानों पर साफ सफाई भी हुई। हरीश रावत ने अपने बदले रुख के अनुसार उन्हें खूब सुना लेकिन ज्यादा कुछ नहीं बोले। बताते हैं कि अमृता रावत के विभागों को लेकर भी चर्चा हुई। इस पर हरीश रावत का रुख सकारात्मक रहा था।
हरीश खेमा देगा महाराज का साथ
महाराज चाहते को कि उन्हें बिना किसी विवाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की कुर्सी मिल जाए। उम्मीद जताई जा रही है कि अगर यशपाल आर्य को पार्टी बदलती है तो हरीश खेमा महाराज का साथ देगा।