गर्मियों की दस्तक के साथ ही तमाम तरह की बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। मौसम में हो रहे बदलाव के कारण छोटी-मोटी बीमारियां तेजी से फैल रही है। सर्दी, खांसी-जुकाम और वायरल फीवर जैसी परेशानियां लोगों को अपना शिकार बना रही है। विशेषकर छोटे बच्चों पर मौसम का असर सबसे ज्यादा पड़ रहा है।
मौसम में बदलाव के समय किटाणुओं के पनपने की गति में तेजी आती है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। चिकित्सकों के अनुसार इन दिनों मौसम में गर्मी बढ़ती है। ऐसे में लोग अचानक से गर्म कपड़े छोड़ देते हैं। इसके अलावा ठंडे पानी से नहाने और फ्रिज का ठंड़ा पानी पीने की भी शुरूआत होती है। सुबह शाम मौसम में ठंडक सर्दी, खांसी-जुकाम, सांस की बीमारियां पैदा कर सकती है।
इन बातों का रखें ध्यान-
-सुबह-शाम बिना गर्म कपड़ों के बाहर ना निकलें
-फ्रिज का ठंडा पानी ना पिएं
-धूप से आने के तुंरत बाद ठंडा पानी ना पिएं
-गर्म और ताजा खाना ही खाएं
-बासी और बाहर का खाना खाने से बचें
-फल-सब्जियां अच्छी तरह धोकर खाएं
-सर्दी-जुकाम पीड़ित व्यक्ति से बचकर रहें
बच्चों को ज्यादा खतरा-
मौसम में बदलाव का सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ता है। इसलिए उन्हें मौसम के असर से बचाना ज्यादा जरूरी है। बच्चों को ठंड ना लगे इसके लिए गर्म कपड़े पहनाएं। उन्हें गर्म दूध और खाना ही परोसें। ठंडा और बासी खाने से उन्हें निमोनिया, डायरिया और उल्टी-दस्त की शिकायत होती है।
मौसम में बदलाव के साथ हमारे शरीर के तापक्रम में भी बदलाव होता है। लेकिन कई लोग अचानक गर्मियों के मौसम जैसी आदतें अपनाने लगते हैं, जिससे बीमारियों और शारीरिक परेशानियों का खतरा बढ़ जाता है।
डा. प्रवीण पंवार, वरिष्ठ फिजिशियन
बच्चे मौसम में होने वाले त्वरित बदलावों के साथ तालमेल नहीं बैठा पाते। यही कारण है कि इस मौसम में वह जल्दी बीमार पड़ते हैं। बच्चों को बाहरी तापमान से कुछ अधिक गर्म माहौल देने की कोशिश फायदेमंद होती है।
डा. एनएस खत्री, वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ