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कांग्रेस पर भी आपदा के बादल

Mon, 05 Aug 2013 08:27 AM IST
देहरादून/ब्यूरो
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प्रदेश में दैवी आपदा से जूझ रही कांग्रेस अब खुद भी आपदाग्रस्त है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष यशपाल आर्य खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं, पर खुलकर नाराजगी जताने से बच रहे हैं। कांग्रेस प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप के बहाने प्रदेश कांग्रेस के दो धड़े एक -दूसरे के खिलाफ हो गए हैं।
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बहुगुणा सरकार के कुछ और मंत्री भी हैं जो आपदा प्रबंधन के मामले में सरकार से खुश नहीं हैं। एक मंत्री ने कई दिनों तक दिल्ली में तमाम नेताओं से मुलाकात की और यह बताने की कोशिश की कि आपदा प्रबंधन की विफलता आगामी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पर भारी पड़ेगी।

मूलमंत्र खोजने में जुटी कांग्रेस
कांग्रेस इस समय 2014 की जंग के लिए मूलमंत्र खोजने में जुटी हुई है। केंद्र के स्तर पर डायरेक्ट कैश ट्रांसफर, सबको अनाज आदि योजनाओं पर भरोसा किया जा रहा है। पर प्रदेश में आपदा प्रबंधन में सरकार की छवि को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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इसी स्थिति को देखते हुए प्रदेश में कांग्रेस का पूरा फोकस केदारधाम की यात्रा को जल्द से जल्द शुरू करने का है। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि केदारनाथ में पूजा शुरू होने से प्रदेश सरकार उत्तराखंड से एक सकारात्मक संकेत देने में सफल होगी।

दूसरी ओर, प्रदेश सरकार के कुछ वरिष्ठ मंत्री इस बात से भी अंदरखाने नाराज हैं कि सारा शो प्रदेश के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा का होकर रह गया है। आपदा प्रबंधन मंत्री यशपाल आर्य भी एक के बाद एक सलाहकार बना दिए जाने से सशंकित हैं। आर्य ने खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर नहीं की है पर बहुगुणा से उनकी दूरी आने वाले समय में बढ़ सकती है।

कांग्रेस में खींचतान
दूसरी ओर धीरेंद्र प्रताप को लेकर भी कांग्रेस में खींचतान हैं। धीरेंद्र प्रताप को हटाने की मांग एक  धड़ा कर रहा है और आर्य कैंप के कई नेता इस पक्ष में नहीं हैं। ऐसे में धीरेंद्र प्रताप को लेकर भी झगड़ा बढ़ सकता है। क्योंकि अब टिहरी के पूर्व विधायक किशोर उपाध्याय को भी प्रवक्ता पद की जिम्मेदारी सौंपे जाने की चर्चा है।
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