देहरादून में वन विभाग ने शनिवार सुबह जिले की नदियों में अवैध खनन करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया। इसमें तीन टीमें बनाकर 65 कर्मचारियों को मैदान में उतारा गया, लेकिन इनके हाथ कालसी वन प्रभाग में केवल चार वाहन लगे।
देहरादून और मसूरी वन प्रभाग की टीमों को खाली हाथ लौटना पड़ा। जबकि इससे पहले हर रोज सैकड़ों की संख्या में ट्रक और ट्रैक्टर ट्रालियां खनन सामग्री ढोने में लगे रहते थे। वन विभाग की नाकामी बताती है कि उसके अभियान की जानकारी आरंभ होने से पहले ही खनन माफिया को दे दी गई।
नदियों में कोई नहीं मिला
यही वजह रही कि वन विभाग की टीमें जब नदियों में खनन करने वालों को पकड़ने गईं तो वहां कोई नहीं मिला। वन संरक्षक शिवालिक एसवी शर्मा ने शुक्रवार रात अवैध खनन के खिलाफ महाअभियान चलाने के लिए देहरादून, कालसी और मसूरी वन प्रभागों में टीमों का गठन किया था।
तीन टीमों में 65 कर्मियों को शामिल किया गया था। तीनों वन प्रभागों में समन्वय की जिम्मेदारी वन प्रभाग देहरादून के प्रभागीय वन अधिकारी सुशांत पटनायक को सौंपी गई थी।
महाअभियान के बारे में थी जानकारी
पटनायक ने भी क्षेत्र में भ्रमण किया, लेकिन टीम में उन्हीं वन कर्मियों को शामिल किया गया, जो जिस वन क्षेत्र का कर्मी था। साथ ही उन्हें महाअभियान के बारे में रात में ही सूचित कर दिया गया।
सूत्रों का कहना है कि वन कर्मियों ने महाअभियान की सूचना खनन माफिया को पहले ही दे दी। सुबह जब वन विभाग की टीमें खनन करने वालों को पकड़ने पहुंची तो वहां कोई नहीं मिला।
जंगलात महकमे की टीमों ने सुबह साढ़े चार बजे से नौ बजे तक सौंग, जाखन, शीतला, नून, यमुना सहित तमाम नदियों में छापेमारी की, लेकिन इस दौरान कुछ भी हाथ नहीं नहीं आया। केवल कालसी वन प्रभाग में चार वाहन पकड़े गए, जिसे सील कर दिया गया।
..तो रात में किया खनन
जंगलात महकमे की टीम को दिन में अवैध खनन में लगे भले ही केवल चार वाहन मिले लेकिन रात आठ बजे रायपुर में स्पोर्ट्स कालेज के आगे सोड़ा गांव के पास एक ट्रक नदी में खड़ा था। एक व्यक्ति ने फोन करके बताया कि ट्रक में अवैध तरीके से चुगान की सामग्री लोड की जा रही है।
इनकी भी सुनिए...
'अभियान में जो कमियां रही, उसे आगे दूर किया जाएगा। लेकिन ऐसा अभियान लगातार चलाया जाएगा। भविष्य में पुलिस और राजस्व विभाग की भी मदद ली जाएगी।'
- सुशांत पटनायक, प्रभागीय वन अधिकारी देहरादून
'अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए एसडीएम की अध्यक्षता में बने टास्क फोर्स को एक्टिवेट किया गया है। इसे नियमित रिपोर्ट भेजनी होगी। कांवड़ यात्रा के बाद प्रभावी अभियान चलाया जाएगा।'
- आर मीनाक्षी सुंदरम, जिलाधिकारी