गांव देहात में रहते हैं ज्यादातर होमगार्ड
होमगार्ड की भर्ती ब्लॉक और जिला स्तर पर की जाती है। उन्हें तैनाती भी उनके ही क्षेत्र में दी जाती है। ऐसे में वह क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति से पुलिस और एसडीआरएफ से ज्यादा वाकिफ रहते हैं। प्रदेश में ऐसे करीब पांच हजार से ज्यादा होमगार्ड ग्रामीण और दूर दराज के इलाकों में तैनात हैं। होमगार्ड मुख्यालय के अनुसार मौके के लिए स्थानीय होमगार्ड और चौकीदार सबसे पहले पहुंच सकते हैं। इससे समय पर राहत कार्य कर घायलों की जान बचाई जा सकती है।
चौकीदारों का भी जुटाया जा रहा विवरण
प्रदेश में 4500 से ज्यादा चौकीदार हैं। ये भी गांवों में ही अपनी सेवाएं दे रहे हैं। बीते वर्षों में उनके मानदेय में भी बढ़ोतरी की गई थी। ये पुलिस के अच्छे सहयोगी माने जाते हैं। ऐसे में इन्हें भी अब होमगार्ड के साथ मिलकर आपदा में राहत बचाव के लिए तैयार किया जाएगा। इसके लिए होमगार्ड मुख्यालय जल्द ही डीजीपी अशोक कुमार से वार्ता करने जा रहा है। ताकि, इस योजना को जल्द से जल्द धरातल पर उतारा जा सके।
आपदा राहत बचाव की दी जाएगी ट्रेनिंग
हम एक एप तैयार कर रहे हैं। इसके बाद होमगार्ड मुख्यालय में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। ताकि, एप पर जो सूचना आएगी उससे होमगार्ड को तत्काल हादसे या आपदा स्थल पर भेजा जा सके। जल्द ही इन होमगार्ड की ट्रेनिंग भी कराई जाएगी। इसमें चौकीदारों को शामिल करने के लिए डीजीपी से वार्ता की जाएगी। -केवल खुराना, कमांडेंट जनरल, होमगार्ड