डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर एलपीजी (डीबीटीएल) योजना ‘पहल’ की आड़ में गैस एजेंसियों ने उपभोक्ताओं के साथ खेल करना शुरू कर दिया है।
बुकिंग होने पर भी महीना बीतने के बावजूद लोगों को रसोई गैस नहीं मिल पा रही है। योजना से अब तक नहीं जुड़ सके लोगों को गैस ही नहीं दी जा रही है।
लोगों के मुताबिक एजेंसी जाने पर कर्मचारियों ने सिर्फ झिड़कियां और झूठ सुनने को मिलता है। लोग गैस के लिए चक्कर पर चक्कर काटने को मजबूर हैं।
‘पहल’ प्रदेश में लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को जोड़ने के लिए एजेंसियों पर तेल कंपनियों का दबाव बढ़ गया है। आईओसी ने जहां 80 फीसदी उपभोक्ताओं को जोड़ने का दावा किया है, तो गलत सूचना देने पर बीपीसीएल के करीब 20 हजार कनेक्शन लॉक कर दिए गए हैं।
अब एजेंसियां गैस के लिए उपभोक्ताओं को इंतजार करा रही हैं। बुकिंग पर भी एक महीने बीतने के बावजूद उपभोक्ताओं को गैस नहीं मिल पा रही है। डालनवाला निवासी राजेश कुमार ने बताया कि करीब एक महीने पहले गैस बुक कराई थी, लेकिन अब तक नहीं मिली।
एक बार मैसेज जरूर आया था। एजेंसी पर पूछो तो हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला। बंजारावाला निवासी रिंकू सिंह ने भी 20 दिन पहले बुकिंग कराने के बावजूद गैस नहीं मिलने की शिकायत की है। बंजारावाला के लिए रोशन सिंह अब तक ‘पहल’ फार्म नहीं भर सके हैं, लिहाजा उन्हें गैस ही नहीं मिल रही है।
तेल कंपनी भले ही 31 मार्च तक सभी को सिलेंडर देने की बात कह चुकी है, लेकिन एजेंसियां उपभोक्ताओं को चक्कर कटवा रही हैं। सूत्रों की मानें तो प्लांट से सभी एजेंसियों पर आपूर्ति हो रही है। फिर भी लोगों को गैस नहीं मिल पा रही है।
आईओसी दून क्षेत्र के वितरण अधिकारी रोहन दलाल ने बताया कि होली के कारण कुछ दिन गैस नहीं आई थी। अब आपूर्ति सुचारु है। एजेंसियों में बुकिंग के बावजूद गैस नहीं मिल सकी है तो इसे सही कराएंगे।