उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक चेयरमैन की कुर्सी पर भाजपा के दान सिंह रावत की ताजपोशी मंगलवार को हो गई। बोर्ड डायरेक्टरों का संख्या बल कम होने के चलते कांग्रेस ने चेयरमैन पद के लिए अपने प्रत्याशी का नामांकन ही नहीं कराया। कांग्रेस के मैदान छोड़ने के कारण भाजपा के दान सिंह रावत निर्विरोध चेयरमैन चुन लिए गए। चेयरमैन बनने के बाद रावत का भाजपा कुमाऊं संभाग कार्यालय में जोरदार आतिशबाजी से स्वागत हुआ। सहकारिता मंत्री डा. धन सिंह रावत और परिवहन मंत्री यशपाल आर्य ने दान सिंह का फूलमालाएं पहनाकर स्वागत किया।
राज्य सहकारी बैंक के चेयरमैन पद के लिए मंगलवार को चुनाव से ठीक एक दिन पहले सोमवार को भाजपा ने कांग्रेस के चार सदस्यों को तोड़कर कांग्रेस को चुनाव मैदान से बाहर कर दिया था। चेयरमैन के चुनाव के लिए 11 सदस्यों को वोट डालने थे। सोमवार सुबह तक भाजपा के पास मात्र तीन सदस्य थे। कांग्रेस आठ सदस्यों के समर्थन के साथ बहुमत में थी। सहकारिता मंत्री डा. धन सिंह रावत, परिवहन मंत्री यशपाल आर्य और चुनाव संयोजक बिशन सिंह चुफाल ने सोमवार शाम तक कांग्रेस के चार सदस्यों को भाजपा में शामिल करवाकर पासा पलट दिया। इसके बाद कांग्रेस के पास मात्र चार सदस्य रह गए और चुनाव की औपचारिकता ही शेष रह गई।
मंगलवार सुबह बरेली रोड स्थित सहकारी बैंक मुख्यालय में निर्वाचन की प्रक्रिया शुरू हुई। निर्वाचन अधिकारी एपी बाजपेयी ने मताधिकार करने वाले बोर्ड के 11 सदस्यों की सूची जारी की। इसी बीच प्रदेश सरकार ने दान सिंह रावत को सदस्य नामित कर दिया और जिससे बोर्ड सदस्यों की संख्या 12 हो गई। दान सिंह नामित सदस्य बनाए जाने के बाद भाजपा का संख्या बल बढ़कर आठ हो गया। भाजपा ने सर्वसम्मति से दान सिंह रावत को चेयरमैन पद का प्रत्याशी घोषित कर दिया।
दान सिंह का प्रोफाइल
संख्या बल कम होने पर कांग्रेस चेयरमैन पद के लिए प्रत्याशी का नामांकन करने नहीं पहुंची। चुनाव अधिकारी ने बहुमत के आधार पर भाजपा के दान सिंह रावत को राज्य सहकारी बैंक का निर्विरोध चेयरमैन घोषित कर दिया। चेयरमैन की कुर्सी पर दान सिंह ताजपोशी होते ही बैंक मुख्यालय और भाजपा कुमाऊं संभाग कार्यालय में भाजपाइयों में जमावड़ा लग गया। भाजपाइयों ने जमकर आतिशबाजी की। दान सिंह रावत 2008 में भी राज्य सहकारी बैंक के चेयरमैन रह चुके हैं।
दान सिंह का प्रोफाइल
लगभग 53 वर्षीय दान सिंह रावत 1978 से संघ से जुड़े हैं। 1992 तक संघ में अलग-अलग दायित्वों का निर्वहन किया है। खटीमा निवासी दान सिंह ने 1993 से राजनीतिक शुरुआत की। 1993 में नैनीताल, ऊधमसिंह नगर जिलाध्यक्ष बने। 2001 में किसान मोर्चा राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य बने। 2003 में आजीवन सहयोग निधि के संयोजक बने।
2006 में चंपावत जिला प्रभारी, 2007 में रानीखेत विधानसभा चुनाव के पूर्णकालिक प्रभारी का दायित्व निभाया। 2012 में रानीखेत जिला प्रभारी, संगठन चुनाव में पिथौरागढ़, नैनीताल, बागेश्वर का जिला चुनाव अधिकारी का दायित्व निभाया। दान सिंह रावत ने प्रशासनिक दायित्व का निर्वहन भी किया। 1996 से 1998 तक उत्तर प्रदेश बीज एवं तराई विकास निगम के अध्यक्ष और 2008 से 2012 तक राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष रहे। 2017 में दान सिंह रावत को दोबारा राज्य सहकारी बैंक का अध्यक्ष चुना गया है।