प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को लेकर एक ओर जहां सरकार ने महंगाई भत्ते की सौगात दी तो दूसरी ओर उनसे काम लेने के लिए सख्ती भी दिखाई। अधिकारियों को जनता के बीच पहुंचाने के लिए कई ऐसे प्रयास किए गए। धामी सरकार ने राज्य कर्मचारियों का तीन प्रतिशत बढ़े हुए महंगाई भत्ते का इंतजार खत्म किया। धीरे-धीरे यह लाभ निगमों, निकायों तक भी मिलना शुरू हो गया है।
वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद कर्मचारियों को समय से दफ्तर आने और त्वरित गति से काम करने को लेकर भी कदम उठाए। कोरोना की वजह से ठप हुई बायोमीट्रिक हाजिरी को प्रदेशभर में पुरजोर तरीके से शुरू किया गया। खुद सीएम धामी ने आरटीओ देहरादून के दफ्तर में जाकर कम अनुपस्थिति पर कड़ा रुख दिखाया और आरटीओ प्रशासन दिनेश चंद्र पठोई को सस्पेंड कर दिया। उन्होंने हर बैठक में अधिकारियों को ताकीद किया कि वह सबसे पहले जनता के काम पर ध्यान दें। उन्हें बार-बार दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। फाइलों की गति बढ़ाने के लिए ई-आफिस को बढ़ावा दिया।
जनता के लिए ऑनलाइन की सुविधाएं
अपणि सरकार जैसे पोर्टल के माध्यम से धामी सरकार ने विभिन्न विभागों की सेवाओं की प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी। लोगों को आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र जैसे कार्यों के लिए अब दफ्तरों और बाबुओं के चक्कर काटने से निजात मिल गई। साथ ही उन्हें उनके काम पूरा होने के लिए ऑनलाइन पूरी जानकारी उपलब्ध कराने का मौका भी दे दिया गया।