कानून व्यवस्था पर अपनों और विपक्ष के सवाल उठने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को खुद मोर्चा संभालना पड़ा है। इसका असर यह है कि पूरा पुलिस महकमा अब और अधिक हरकत में दिखाई दे रहा है। छोटे-छोटे अपराधों को पुलिस अब बेहद गंभीरता से ले रही है ताकि बड़ा रूप लेने से पहले ही उन्हें संभाल लिया जाए।
निगरानी और पुलिस गश्त पुरानी परिपाटी पर लौटा है। पैदल गश्त बढ़ी है। सीओ और एसओ को अपने कार्यक्षेत्र में कम से कम एक किमी पैदल गश्त करनी पड़ रही है। पुलिस विभाग के मुखिया भी 15 दिन में आपराधिक घटनाओं की समीक्षा कर रहे हैं और इस पर हुई कार्रवाई की ढीली प्रगति पर संबंधित पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय हो रही है। हाल ही में हरिद्वार जिले में आभूषण की दुकान में हुई लूट का एक आरोपी पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था।
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सीएम हर दिन ले रहे हैं रिपोर्ट
सीएम कार्यालय की प्रदेश में बड़ी और छोटी से छोटी आपराधिक घटनाओं पर निगाह है। सीएम के हर घटना में कानून सम्मत सख्त कार्रवाई करने के निर्देश हैं। वह गृह विभाग पुलिस के आला अधिकारियों से हर दिन की रिपोर्ट ले रहे हैं।