इतना ही नहीं सरकार ने तय किया है कि वह रोजगार का ऑडिट भी कराएगी। सरकारी अस्पतालों की रीमॉडलिंग के लिए 1900 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है और इलाज के लिए सरकार ई हेल्थ कार्ड जारी करेगी। मोहल्ला क्लीनिक व पॉलीक्लिीनिक के लिए भी बजट का प्रावधान किया है। शिक्षा पर भी आप सरकार का खास फोकस रहने वाला है। बजट में 16278 करोड़ रुपये शिक्षा के लिए रखे गए हैं। मुफ्त पानी की योजना को जारी रखने का एलान किया है।
दिल्ली और पंजाब की आप सरकारों की घोषणाओं और बजटीय प्रावधानों के बाद अब नजर धामी सरकार पर है। राज्य में रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य तीन सबसे ज्वलंत मुद्दे हैं। वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर धामी सरकार करीब 21 हजार करोड़ रुपये का लेखानुदान लेकर आ रही है।
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मुख्यमंत्री धामी से यह उम्मीद की जा रही है कि उनके बजट में रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेक्टर के लिए क्या-क्या घोषणाएं और प्रावधान होंगे। विशेष तौर पर राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और अवस्थापना विकास प्रमुख मुद्दे हैं, जिनके अभाव में पलायन की समस्या गंभीर रूप ले रही है।
जानकारों के मुताबिक, बेशक धामी सरकार बाद में अपना पूरा बजट लेकर आएगी, लेकिन लेखानुदान में उसकी प्राथमिकताओं की झलक स्पष्ट दिखेगी। साथ ही पंजाब और दिल्ली की आप सरकार के फैसलों की कसौटी पर धामी सरकार के लेखानुदान को परखा जाएगा।