स्वरोजगार और आजीविका आधारित योजनाओं पर फोकस
इसके साथ ही प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली क्षति को कम करने की कार्ययोजनाओं पर काम करना है। सरकार का महिलाओं और राज्य के बेरोजगारों के लिए कौशल विकास और प्रशिक्षण के जरिये स्वरोजगार और आजीविका आधारित योजनाओं पर फोकस है। साथ ही स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में जगह दिलाने की योजना है, ताकि राज्य के लोगों की आजीविका में वृद्धि हो।
वित्त मंत्री के मुताबिक, बजट समग्र रूप से इन सारी प्राथमिकताओं पर केंद्रित होगा। सचिव वित्त दिलीप जावलकर की अध्यक्षता में बजट प्रस्ताव को अंतिम रूप दे दिया गया।
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26 फरवरी से एक मार्च तक राज्य का बजट सत्र होगा। कई विधायकों के लिखित अनुरोध पर बजट सत्र देहरादून में होगा। पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण होगा। इसके बाद कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में आगे की रूपरेखा तय होगी। उत्तराखंड का यह बजट जेंडर बजट होगा। सभी वर्ग को ध्यान में रखते हुए बजट तैयार किया जा रहा है। इसमें राज्य के हितधारकों के साथ संवाद और कई माध्यमों से प्राप्त हो रहे सुझावों का समावेश होगा। बजट 2025 तक उत्तराखंड को देश के श्रेष्ठ राज्य की श्रेणी में शामिल कराने की दिशा में कारगर साबित होगा। - प्रेमचंद अग्रवाल, वित्त मंत्री