डीजीपी से रिटायर होते होते बीएस सिद्धू एक विवादित आदेश कर गए। लाल और नीली बत्तियों पर शासन की नई गाइड लाइन को पुलिस की प्रतिष्ठा के विरुद्ध बताते हुए उन्होंने आदेश दिए कि कोई भी पुलिस अफसर या कर्मचारी अपने राजकीय वाहन पर बत्ती नहीं लगाएगा। बतौर डीजीपी बीएस सिद्धू का यह अंतिम आदेश है।
यह है वजह
सिद्धू का कहना है कि एसपी से लेकर डीजीपी तक के लिए वाहन पर लगने वाली बत्ती की जो व्यवस्था की गई है वह सीडीओ स्तर के अधिकारी को मिलती है। इसलिए उन्होंने यह आदेश किया है।
हालांकि बाद में नए डीजीपी एमए गणपति ने मीडिया के सवाल पर स्पष्ट किया कि इसे प्रतिष्ठा से जोड़ना उचित नहीं है। ऐसे में प्रबल संभावना है कि नए डीजीपी एमए गणपति इस आदेश को पलट सकते हैं।