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महिला चीता को रवाना कर इस बात पर नाराज़ हो गए डीजीपी, हैरानी में पड़े पुलिसकर्मी 

Sun, 16 Apr 2017 12:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
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जिले में सुरक्षा व्यवस्था में महिला पुलिसकर्मियों की और ज्यादा सक्रिय भूमिका बढ़ाते हुए राजधानी देहरादून की तर्ज पर हरिद्वार मे भी महिला सीपीयू दस्ता उतार दिया गया है।
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शनिवार को वीआईपी घाट पर डीजीपी एमए गणपति ने हरी झंडी दिखाकर महिला सीपीयू की टीमों को रवाना किया। इस दौरान उन्होंने आम जनता की मदद के लिए पुलिस को पूरी तरह मुस्तैद बताया लेकिन समारोह में महिला जनप्रतिनिधियों की भारी कमी देखकर डीजीपी खफा नजर आए। 
 
शनिवार को डीजीपी ने महिला सीपीयू दस्ते को हरी झंडी दिखाई। इस दौरान डीजीपी ने कहा कि इससे कानून- व्यवस्था खासकर महिलाओं की सुरक्षा के लिए काफी मदद मिलेगी।
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उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर ही महिला सुरक्षा चेतक उतारी गई है। वे महिलाओं से जुड़े मामलों का निस्तारण करेगी। स्कूल कॉलेज के बाहर महिला सुरक्षा चेतक गश्त करेगी।

इसल‌िए खफा हुए डीजीपी

कोई भी महिला, युवती बेझिझक चेतक को अपनी शिकायत बता सकती है। डीजीपी बोले कि नाबालिगों के भी  फिर दुपहिया वाहन चलाने पर नकेल कसी जाएंगी। उनके परिजन को बुलाकर दुपहिया वाहन न देने के लिए प्रेरित किया जाएगा।  

डीजीपी ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस में संख्याबल की काफी कमी है और संसाधन भी बेहद सीमित है। इस अवसर पर डीआईजी पुष्पक ज्योति, एसएसपी कृष्ण कुमार वीके, आईआरबी के सेनानायक अरूण मोहन जोशी, आईटीसी की प्रधानाचार्य नीरू गर्ग, एसपी सिटी परमेंद्र डोबाल, एसपी देहात मणिकांत मिश्रा

एसपी क्राइम शाहजहां जावेद खान, उप सेनानायक सुरजीत सिंह पंवार समेत अनेक पुलिस अधिकारी, हीरो मोटो कोर्प की ओर से  अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के बाद डीजीपी ने हरी झंडी दिखाकर महिला सुरक्षा चेतक को रवाना किया।       

महिला प्रतिनिधि कम देखकर खफा हुए डीजीपी
कुंभनगरी की सड़क पर महिला सुरक्षा चेतक को उतारने के लिए हरी झंडी दिखाने पहुंचे प्रदेश के डीजीपी एम गणपति कार्यक्रम में महिलाओं से जुड़ी  स्वंयसेवी संस्थाओं की प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति  देख खासे नाराज हुए। भरे मंच से ही डीजीपी ने नाराजगी जाहिर कर दी। साफ साफ बोले कि जब महिलाएं ही नहीं है ऐसे में महिलाओं को घर और समाज में पेश आने वाली दिक्कत भला कैसे पता चल सकेगी।
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एक दूसरे चेहरे देखते रहे अधिकारी

डीजीपी ने मंच से ही कहा कि कार्यक्रम में महिलाओं से जुड़ी स्वयंसेवी संस्थाओं को आखिर क्यों नहीं बुलाया गया। यदि जब वे ही नहीं आए है तब ऐसे में महिलाओं से जुड़ी दिक्कतों के बारे में भला कैसे पता चल सकेगा। 

एक दूसरे चेहरे देखते रहे अधिकारी
डीजीपी के रूख से अधिकारियों के पसीने छूट गए। जब डीजीपी ने मंच से नाराजगी बयां की तब पुलिस अफसर एक दूसरे के चेहरे देखने लग गए। फिर यहां वहां देखने लग गए। डीजीपी की खुलकर की गई नाराजगी से हर कोई सन्न दिखाई दिया।

धूप में तपती रही महिला पुलिसकर्मी      
हरिद्वार। चिलचिलाती धूप में महिला पुलिसकर्मियों के चेहरे तमतमाते रहे। डीजीपी के वीआईपी घाट पहुंचने से पहले ही महिला सुरक्षा चेतक के दुपहिया वाहन वीआईपी घाट पर पहुंच गए थे और महिला पुलिसकर्मियों को भी बकायदा अपने अपने वाहन के साथ मौजूद रहने के निर्देश दिए गए थे। ऐसे में चिलचिलाती धूप में महिला पुलिसकर्मी झल्लाती रही और फिर जब तक कार्यक्रम चलता रहा तब एकदम रेडी पोजीशन में वे बकायदा हेलमेट लगाकर खड़ी रही।
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