पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पर विवादित बयान से नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश पलट गईं। दो सीटों पर हरीश रावत की पराजय को काला दिन कहे जाने से उन्होंने साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी अमर्यादित भाषा उनकी नहीं हो सकती।
इंदिरा हृदयेश ने कहा कि एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले में छोटे कर्मचारियों पर तो कार्रवाई हो रही है, लेकिन बड़े और असली नाम अब भी जांच से बाहर हैं। नेता प्रतिपक्ष का आरोप है कि सरकार बड़े लोगों को बचाना चाह रही है। यह पूछे जाने पर कि वे बड़े नाम कौन हैं, तो उन्होंने कहा कि ये जांच एजेंसी बताएगी। भ्रष्टाचार पर उन्होंने कहा कि कहीं ये नारा बनकर न रह जाए। कांग्रेस भ्रष्टाचार के खिलाफ हर एक्शन के पक्ष में है, लेकिन बदले की भावना से कोई काम नहीं होना चाहिए।
वह कांग्रेस भवन में शनिवार को पत्रकारों से बातचीत कर रहीं थीं। नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद पहली बार पार्टी कार्यालय पहुंचने पर प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय और अन्य कांग्रेसजनों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।