उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक बीएस सिद्धू ने विवादों से घिरी सिटी पेट्रोल यूनिट से खुद को एक तरह से अलग कर लिया है।
उन्होंने गढ़वाल और कुमाऊं रेंज में सीपीयू की कमान डीआईजी को सौंप दी है। हालांकि, स्थानांतरण का अधिकार पुलिस मुख्यालय के पास ही है। पुलिस महानिदेशक बीएस सिद्धू ने पिछले साल एक अप्रैल को सिटी पेट्रोल यूनिट का गठन किया था।
वीडियोग्राफी और व्यवहार को लेकर उठते रहे सवाल
डीजीपी ने सीपीयू की कमान अपने पास रखी थी, जबकि मुख्यालय में निवेदिता कुकरेती को नोडल अधिकारी बनाया गया था। यातायात नियमों के उल्लंघन के मामलों में सीपीयू की कार्रवाई को सराहाया गया, लेकिन वीडियोग्राफी और व्यवहार को लेकर सवाल उठते रहे।
बार-बार विवाद हुए, लेकिन डीजीपी ने हर बार मामला संभाल लिया। राजपुर के कांग्रेस विधायक राजकुमार तो शुरू से ही सीपीयू के खिलाफ मुखर रहे हैं। कांग्रेस नेता लालचंद शर्मा के बेटों से मारपीट के बाद एकजुट हुए कांग्रेस नेताओं के दबाव ने पुलिस महानिदेशक की मुश्किलें बढ़ा दी थी।
डीजीपी ने सीपीयू की कमान डीआईजी के सुपुर्द कर दी है। उन्होंने बताया कि गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्र की सीपीयू अब दोनों रेंज के डीआईजी की अगुवाई में काम करेगी।