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तल्खीः 'मैस डिनर' के बिना ही विदा हुए डीजीपी बंसल

Mon, 30 Sep 2013 10:15 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
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निवर्तमान पुलिस महानिदेशक सत्यव्रत ने कहा कि जो किया उससे संतुष्ट हूं। करना बहुत कुछ चाहता था लेकिन विवशताएं भी थीं। चर्चाएं तो बहुत हुई लेकिन मैंने ना कभी सेवा विस्तार के लिए एप्रोच किया और ना ही मैं इसका अनुयायी रहा हूं।
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लॉ एंड ऑर्डर में सुधार किया लेकिन भू-माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पाने का मलाल रहेगा। विदाई समारोह के बाद पीएचक्यू स्थित अपने कक्ष में मीडिया से बातचीत के दौरान निवर्तमान डीजीपी सत्यव्रत ने कहा कि सोचा गया हर काम पूरा नहीं होता।

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लेकिन क्रमवार मेरी प्राथमिकताएं थीं, उसी के अनुरूप काम किया। सबसे पहले जनहित, फिर सरकार का हित और बाद में पुलिस विभाग के हित में काम किया।

कानूनी अड़चनों ने बांधे हाथ
भूमाफियाओं को सलाखों के पीछे डालना चाहता था लेकिन तकनीकी व कानूनी अड़चनों ने हाथ पांव बांध दिए। क्योंकि यह केवल पुलिस के वश की बात नहीं थी। उन्होंने कहा कि इसके लिए ईओडब्लू (इकॉनोमिक ओफेंस विंग) की बेहद जरूरत है।
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लॉ एंड ऑर्डर की परफोरमेंश से संतुष्ट दिखे सत्यव्रत ने कहा कि डीजीपी व रेंज ऑफिस में लीगल एडवाइजर्स की जरूरत है। ताकि कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किए जाने से पहले उसका अध्ययन हो सके। इसलिए पुलिस को एक्सपर्ट्स की जरूरत है।

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सत्यव्रत ने कहा कि कुछ मौकों पर सरकार व शासन के साथ मतभेद जरूर रहे लेकिन ऐसा नहीं हुआ कि सरकार ने मुझ पर किसी तरह का प्रेशर डाला हो। ट्रांसफर पोस्टिंग की जहां तक बात है वह शासन का अधिकार होता है।

जाते समय भी तल्खी तो थी
जाते वक्त भी सत्यव्रत की बातों में तल्खी थीं। काम के प्रति सत्यव्रत की दिलचस्पी तभी से खत्म होती दिख रही थी जब से वह विगत 17 सितम्बर से लंबी छुट्टी पर गए थे। इसके बाद वह 26 को वापस आए और अगले दिन नैनीताल चले गए।

कुल मिलाकर सत्यव्रत ने विगत 17 सितम्बर के बाद किसी नीतिगत फैसले वाली फाइल पर हस्ताक्षर नहीं किए। यहां तक कि पुलिसकर्मियों की भर्ती वाली फाइल को भी उन्होंने अपने उत्तराधिकारी के लिए छोड़ दिया था।

समय लेकर मैस डिनर का आयोजन
शायद इसीलिए उन्होंने सेवा निवृति वाले दिन के मैस डिनर पर सहमति नहीं दी। जबकि यह परंपरा रही है। हालांकि पीएचक्यू केसूत्र बताते है कि आज उनका पहले से ही कोई प्रोग्राम फिक्स था, एक दो दिन में उनसे (सत्यव्रत) समय लेकर मैस डिनर का आयोजन होगा।
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