सरकार से समन्वय स्थापित करते हुए इसका बीच का रास्ता निकला
इस दौरान पहली बार फायर ब्रिगेड में महिला पुलिसकर्मियों की भी भर्ती हुईं। पहली बार महिला कमांडो दस्ता बनाया गया। इस दरम्यान पुलिस के ग्रेड पे की समस्या ने मुंह उठाया। पुलिस के परिवार वालों ने प्रदर्शन किए। लेकिन, सरकार से समन्वय स्थापित करते हुए इसका बीच का रास्ता निकल आया।
बड़ी संख्या में कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल के प्रमोशन हुए और उनके कंधों पर सितारे सज गए। एएसआई के पद सृजित होने से ऐसा संभव हो पाया। इससे पुलिसकर्मियों का असंतोष शांत हो गया। पुलिस लाइनों में नए भवन बनाए गए। अधिकारियों के बैठने की जगह की किल्लत थी तो डीआईजी ऑफिस के स्थान पर छह मंजिला पटेल भवन रिकॉर्ड समय में बनकर तैयार हो गया। अब आधे से ज्यादा अधिकारी इस भवन में बैठकर पुलिस का काम कर रहे हैं। इसके अलावा डीजीपी के नेतृत्व में कई अभियान भी चले, जिनमें बड़े अपराधियों पर नकेल कसी गई।
ये रहे कुछ अभियान
ऑपरेशन प्रहार : करीब ढाई हजार अपराधी गिरफ्तार हुए।
मिशन मर्यादा : तीर्थ स्थलों पर हुड़दंग करने वाले 10 हजार लोगों पर कार्रवाई।
ऑपरेशन स्माइल : करीब साढ़े चार हजार लापता लोगों को परिवार से मिलाया।
ऑपरेशन मुक्ति : भिक्षावृत्ति में लगे 3,603 बच्चों का स्कूल में दाखिला कराया गया।
मिशन हौसला : कोरोनाकाल में लोगों की मदद के लिए चलाया गया।
व्यवस्थाएं शुरू हुईं
शिकायतों को प्राथमिकता : आम जनता की कुल 29,938 शिकायतों में से 96 फीसदी का समाधान।
समाधान समिति : पुलिसकर्मियों की 9,737 शिकायतों में से 9,335 का समाधान हुआ।
शुक्रवार को पुलिस की पेशी : 645 पुलिसकर्मी की समस्याओं का समाधान किया गया, जिनमें से 380 गंभीर समस्याओं से जूझ रहे पुलिस कर्मियों को तत्काल राहत दी गई।
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भर्ती व प्रमोशन
लगभग 6,000 पुलिस कर्मचारियों/अधिकारियों को पदोन्नति दी गई। 1,521 कांस्टेबल, 272 हेड कांस्टेबल (पुलिस दूरसंचार) पदों पर भर्ती हुई।
ट्रैफिक सुधार न होने का मलाल
डीजीपी ने कहा कि उन्होंने हर प्रकार से पुलिस के कल्याण और सुविधाओं के लिए काम किया। लेकिन, बहुत कुछ करने के बाद भी ट्रैफिक की समस्या को दूर नहीं कर पाए इस बात का मलाल रहेगा। यहां का इंफ्रास्ट्रक्चर और वाहनों की अधिकता इस काम में बाधा बनी है। लेकिन, पुलिस ने प्रवर्तन के काम में तेजी लाई है। ऑनलाइन चालान की व्यवस्था शुरू कर पुलिस ने काफी हद तक इस पर काम भी किया है।