बदरीनाथ धाम में फंसे तीर्थयात्रियों ने शनिवार को हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू करने की मांग पर बदरीनाथ बस अड्डे पर जमकर हंगामा किया।
उनका आरोप था कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री यात्रियों के मीडिया के माध्यम से सुरक्षित होने की बात कह रहे हैं जबकि यहां धाम में फंसे लोगों को निकालने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। भारी बारिश के कारण जगह-जगह बाधित हुए बदरीनाथ हाईवे से धाम तक करीब 3500 लोग फंसे हुए हैं।
इन अव्यवस्थाओं से आजिज आकर शनिवार को बदरीनाथ धाम में फंसे तीर्थयात्रियों ने बस अड्डे पर जमकर हंगामा किया। तीर्थयात्रियों को कुछ दूरी पर बसों में ले जाने के बाद हाईवे पर छोड़ दिया जा रहा है। उनके पास अब कुछ ही पैसे बच गए हैं। धाम में एटीएम भी नहीं चल रहे हैं। इससे उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
यात्रियों की आपबीती
मुंबई के अनिल चौधरी, प्रियंका वर्मा और सुवर्द्घन का कहना है कि वे बीती 24 जून को बदरीनाथ धाम पहुंच गए थे। उनके साथ बुजुर्ग और बच्चे भी हैं।
लखनऊ के विनोद शर्मा का कहना है कि वे अपने माता-पिता को बदरीनाथ की तीर्थयात्रा पर लाए थे। अधिकारियों ने उन्हें बस से आधे रास्ते तक जाने की सलाह दी, लेकिन बुजुर्गों को ले जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। आंध्रप्रदेश के मुनीष नायडू और सुमति नायडू का कहना है कि यहां से किसी से संपर्क नहीं हो पा रहा है।