केदारनाथ धाम से मलबे को हटाने एवं ध्वस्त भवनों को गिराने का काम भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) एवं इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट इंडिया लिमिटेड को करना है। इस कार्य के लिए केदारनाथ मंदिर परिक्षेत्र में एमआई-26 हेलीकाप्टर से उपकरण पहुंचाया जाना है।
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क्षतिग्रस्त संपत्तियों के ध्वस्तीकरण से पूर्व उसकी वीडियोग्राफी कर नंबरिंग करने का फैसला लिया गया है। ताकि किस नंबर की संपत्ति किसकी है, इसका पता चल सके। पूरे क्षेत्र को साफ करने के बाद पर्यावरण और वैज्ञानिक आधार पर जीएसआई एवं एएसआई की राय पर पुनर्निर्माण का काम शुरू किया जाएगा। लेकिन अब एएसआई के मानकों के अनुसार मंदिर के 500 मीटर क्षेत्र में कोई भी निर्माण नहीं होगा।
केदारघाटी जाएगी एएसआई की टीम
केदारनाथ में हुई तबाही का सर्वेक्षण करने के लिए आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया(एएसआई) की टीम सोमवार सुबह केदारनाथ के लिए रवाना होगी। पार्लियामेंटरी समिति के दौरे की वजह से टीम में परिवर्तन किया गया। जानकारी के मुताबिक अब आगरा के संरक्षण अधिकारी आरके सिंह के बजाए पंकज तिवारी टीम में शामिल होंगे। इसके अलावा दून सर्किल के अधिकारी अतुल भार्गव और निदेशक संरक्षण एके सिन्हा टीम में शामिल हैं।
यह टीम इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट इंडिया लिमिटेड (ईपीआईएल) कंपनी के दल के साथ हेलीकॉप्टर से रवाना होगी। इस कंपनी को केदारनाथ में मलबा हटाने की जिम्मेदारी दी गई है।
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