सरकार में भागीदारी की राह खोज रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को अब हाईकमान ने कुछ और इंतजार करने के लिए कहा है।
लोक सभा चुनाव के बाद फुर्सत से होगा काम
उत्तराखंड प्रभारी अंबिका सोनी ने कांग्रेस कमेटी की बैठक में साफ कहा कि लोक सभा चुनाव के बाद फुर्सत से निगमों और सरकारी उपक्रमों के अध्यक्ष बनाए जाएंगे।
दूसरी ओर प्रभारी ने यह भी संकेत दिया कि मंत्रियों को पोर्टफोलियो भी विधान सभा सत्र के बाद दिए जाएंगे। सुभाष रोड स्थित एक वैडिंग प्वाइंट में आयोजित विस्तारित प्रदेश कांग्रेस कमेटी की बैठक के बाद मीडिया से प्रभारी ने कहा कि मंत्रियों को पोर्ट फोलियो विधानसभा सत्र के चलते नहीं दिए जा सके।
मंत्रियों को विभाग दे दिए जाते तो उन्हें सदन में विभागों के जवाब देने में दिक्कत होती। इस स्थिति को देखते हुए पोर्टफोलियो नहीं दिए गए।
हाईकमान को दी करीब 50 नामों की सूची
इससे पहले बैठक में अंबिका सोनी ने साफ कहा कि 16-17 जून को आई आपदा को देखते हुए उत्तराखंड में दायित्व नहीं बांटे गए। प्रदेश सरकार ने करीब 50 नामों की सूची हाईकमान को दे दी थी।
पर उस समय तय किया गया कि उत्तराखंड में पद बांटे गए तो इससे यह संदेश जाएगा कि आपदा की किसी को परवाह नही है और पदों के लिए छीना झपटी हो रही है। प्रभारी के मुताबिक लोक सभा के बाद इस काम को प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
प्रभारी ने यह भी माना कि आपदा से निपटने में थोड़ी बहुत कमियां जरूर रहीं पर कुल मिलाकर प्रदेश सरकार ने उड़ीसा और अन्य प्रदेश की तुलना में बेहतर काम किया।
प्रदेश सरकार के कुछ फैसलों को भी अंबिका सोनी ने सराहा और कहा कि सीएचसी से मोबाइल स्वास्थ्य वैन जोड़ने की योजना का प्रभाव पंचायत चुनाव पर भी पड़ेगा।
प्रदेश प्रभारी के इस संकेत के बाद अब कांग्रेस कार्यकर्ताओं का लाल बत्तियों और मंत्रियों का पोर्ट फोलियो का इंतजार और बढ़ गया है।
मंत्रियों को तो फिर भी बीस फरवरी तक इंतजार करना पड़ सकता है पर कार्यकर्ताओं को लोकसभा चुनाव भी सम्मान मिलने की उम्मीद में पार करना होगा।