राजधानी देहरादून में डेंगू ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। डेंगू से बचने के लिए तापमान में गिरावट की आस सिर्फ एक फौरी राहत साबित होगी।
एक वर्ष से ज्यादा जिंदा रहते हैं मच्छर के अंडे
प्रतिकूल मौसम सिर्फ डेंगू फैलाने वाले मच्छर एडीज को मौत देगा, जबकि लाखों की तादात में उसके अंडे कूलर के अंदर, खुले में पड़े खाली बर्तन और पानी के टैंकों में अगले सीजन का इंतजार में हैं।
ठंड सिर्फ एडीज मच्छर को मार सकती है उसके अंडे किसी भी तरह के तापमान में बिना पानी के एक वर्ष से ज्यादा जिंदा रहते हैं।
इस बार जिस तरह डेंगू ने मैदानी जनपदों में लोगों को चपेट में लिया है उससे आशंका जताई जा रही है कि अगर समय रहते कुछ नहीं किया गया तो अगले सीजन में इसका हमला और जानलेवा होगी।
आधिकारिक तौर पर इस बार लगभग साढ़े तीन सौ डेंगू के मामले रिपोर्ट हुए हैं जिनकी वास्तविक संख्या कई अधिक जताई जा रही हैं। डेंगू की मार
केवल देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में अधिक रही हालांकि कुछ मामले टिहरी, नैनीताल में भी मिले हैं।
सबसे बड़ा खतरा
यह पहली बार है जब डेंगू का प्रकोप राज्य में इतना अधिक हुआ है, जिससे विशेषज्ञों की अगले सीजन को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। एडीज मच्छर का प्रकोप अब कुछ दिन और चलेगा।
ठंड के आते ही मच्छर निष्क्रिय हो जाएंगे, लेकिन उनके वायरस से संक्रमित अंडे जीवित रहेंगे जो सबसे बड़ा खतरा है।
स्वास्थ्य विभाग ने वेक्टर जनित रोग कार्यक्रम के तहत इससे निपटने को अन्य विभागों के साथ मिलकर रणनीति तैयार की है, लेकिन वह कितनी कारगर साबित होगी यह अगले सीजन में पता चलेगा।
सावधानी ही बचा सकती है
डेंगू मच्छर ताजा पानी पर अंडे देता है, जिसके लिए बरसात के बाद ऐसे जगह, बर्तनों और कूलर आदि को साफ कर रखें। घरों, होटलों या सरकारी कार्यालयों की पानी के टैंक भी अंडे देने की अनुकूल जगह हैं, जिसकी सफाई की जानी बेहद जरूरी है।
अगर वायरस से संक्रमित एडीज मच्छर ने ऐसी किसी भी जगह अंडे दिये हैं तो सफाई के अभाव में वह एक वर्ष तक जीवित रह सकते हैं।
फेसबुक पर राय देने के लिए क्लिक करें...