डेंगू के बढ़ते प्रकोप और इससे पीड़ित मरीजों की संख्या को लेकर भयावह स्थिति बनाए जाने की बात कहते हुए स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. आरके पांडेय खुद सामने आए थे। बाकायदा उन्होंने दून अस्पताल में प्रेस कांफ्रेंस बुलाकर अब तक 852 मरीजों में डेंगू की पुष्टि होने की बात कही थी।
इस बीच मीडिया के सवालों के जवाब में पोल खुली कि देहरादून जिले में डेंगू पीड़ित मरीजों की जो संख्या बताई जा रही है वह सिर्फ दून अस्पताल से हो रही जांचों के आधार पर ही बताई जा रही है। जबकि जिले में तीन अन्य सरकारी अस्पताल भी हैं।
उनमें भी एलाइजा जांच होती है। इस पर स्वास्थ्य महानिदेशक ने सीएमओ देहरादून डॉ. एसके गुप्ता को सही जानकारी जुटाने के निर्देश दिए। शनिवार को सीएमओ की ओर से जो रिपोर्ट जारी की गई उसके मुताबिक दून अस्पताल में शनिवार को 270 मरीजों की जांच रिपोर्ट में से 26 में डेंगू की पुष्टि हुई।
जबकि दून अस्पताल में इस सीजन में अब तक 7794 सैंपलों की एलाइजा जांच कराई जा चुकी है। इनमें 909 लोग में डेंगू की पुष्टि हुई। जबकि गांधी शताब्दी अस्पताल में 630 मरीजों की एलाइजा जांच में 364, कोरोनेशन अस्पताल में 418 में से 392 और एसपीएस अस्पताल ऋषिकेश में 248 में से 123 में अब तक डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। इसके अलावा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जिले में डेंगू से चार लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि चार अन्य मरीजों की रिपोर्ट आना बाकी है।