इसी के साथ वह लोगों को डेंगू से बचाव की विस्तृत जानकारी भी देंगे। इस मुहिम के तहत बच्चे पानी की टंकी, कूलर की स्थिति, छत पर खाली डब्बे, टायर व कबाड़ की स्थिति का जायजा लेंगे। इस कार्ड पर प्रत्येक घर के मालिक का नाम व फोन नंबर भी नोट किया जाएगा। सीएमओ डॉ. एसके गुप्ता ने बताया कि अगले हफ्ते स्कूलों के साथ बैठक की जानी है। इसके बाद ही सारी रणनीति बनाई जाएगी। शहर के कई इलाकों में जागरुकता संबंधी पंपलेट भी लगवा दिए गए हैं।
महिला में नहीं पाया गया डेंगू
दून अस्पताल में जिस महिला को डेंगू होने पर भर्ती कराए जाने की बात कही जा रही है। उसमें डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है। दून अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केके टम्टा ने बताया कि महिला की प्राथमिक जांच हुई थी। इसमें डेंगू की पुष्टि नहीं हुई तो उसके परिजन उसे अपने साथ घर वापस ले गए हैं। लिहाजा, महिला की रिपोर्ट को दिल्ली भी नहीं भेजा गया है।
बढ़ाई जा सकते हैं डेंगू वार्ड में बिस्तर
फिलहाल दून अस्पताल में आठ बिस्तरों का डेंगू वार्ड बनाया गया है। यहां पर मच्छरदानी व अन्य सुविधाओं को भी रखा गया है। डॉ. टम्टा ने बताया कि जरूरत पड़ने पर इस वार्ड का दायरा बड़ा भी किया जा सकता है। पिछले साल 10 बेड का वार्ड बनाया गया था, लेकिन उस वक्त जरूरत महसूस नहीं हुई तो वार्ड का दायरा नहीं बढ़ाया गया था।
अन्य अस्पतालों को भी वार्ड बनाने के निर्देश
अभी तक सिर्फ दून अस्पताल और कोरोनेशन में डेंगू वार्ड बनाए गए हैं। जबकि, निजी अस्पतालों में स्वास्थ्य विभाग ने जल्द से जल्द डेंगू वार्ड बनाने के निर्देश दिए हैं। सीएमओ डॉ. एसके गुप्ता ने बताया कि विभाग की एक टीम इस सप्ताह निरीक्षण करेगी कि किसी अस्पताल में वार्ड बना है और किस में नहीं?