राजधानी देहरादून में शराब पकड़ने से गुस्साए लोगों ने पटवारी चौकी पर हमलाकर जमकर तोड़फोड़ कर डाली। हमले की सूचना पर मौके पर पहुंचे एसडीएम कीर्तिनगर डीएस नेगी से भी ग्रामीणों ने अभद्रता की। उनके वाहन को भी नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया।
चार लोग गिरफ्तार
हमलावरों पर चौकी से जब्त शराब लूटे जाने का प्रयास किया। मामले में राजस्व पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर चार आरोपियों को कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया है। वहीं मुख्य शराब तस्कर अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। शराब तस्करी की सूचना मिलने पर सोमवार को राजस्व पुलिस ने अभियान चलाया।
चेकिंग के दौरान गाड़ी छोड़कर भागे
इस दौरान आरोपी ब्रजमोहन कंडारी अपने वाहन के साथ आता दिखा। पटवारी रमेश गुसाईं ने जब गाड़ी को रुकने का इशारा किया तो आरोपी गाड़ी छोड़ भागने लगा। गाड़ी को चैक करने पर उसमें अवैध शराब की पेटियां मिली। जानकारी के अनुसार इनकी संख्या 15 पेटी है। राजस्व पुलिस अवैध खराब को जब्त कर पटवारी चौकी ले आई।
शराब लूटने की कोशिश
इससे गुस्साए ग्रामीण पटवारी चौकी में धमक गए और हंगामा करने लगे। जिस पर पटवारी ने पास के गांव के पटवारी गब्बर सिंह रावत को भी बुला लिया। गब्बर सिंह रावत ने चिलेड़ी पहुंचने से पहले एसडीएम को भी मामले की सूचना दे दी। आरोप है कि ग्रामीणों ने चौकी में जब्त की शराब को लूटने का प्रयास किया। विरोध करने पर ग्रामीण हमलावर हो गए और पटवारी चौकी में जमकर तोड़फोड़ की।
पुलिस पहचान करने में जुटी
एसडीएम कीर्तिनगर देर रात ही मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि इस दौरान जमा भीड़ में से कुछ लोगों ने उनके साथ अभद्रता भी की और उनके वाहन को क्षति पहुंचाई। मामले में राजस्व पुलिस ने चार आरोपियों भगत सिंह, लक्ष्मण सिंह, सुरेंद्र सिंह और मोर सिंह के खिलाफ कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। वहीं मुख्य शराब तस्कर ब्रजमोहन कंडारी अब पकड़ से बाहर है। पटवारी तोड़फोड़ करने वाले अन्य ग्रामीणों की पहचान में भी जुटे हैं।
मामले को दबाने में लगे रहे
सोमवार रात को अवैध शराब पकड़ने के बाद हुए हंगामे को लेकर प्रशासन मंगलवार दिनभर ऊहापोह में रहा। मुकदमा दर्ज करने के बाद भी राजस्व पुलिस के अधिकारी बयान देने की स्थिति में नजर नहीं आए।
सूत्रों की मानें, तो क्षेत्र के कद्दावर नेता दिनभर मामले को रफा-दफा करने के लिए प्रशासन पर दबाव बनाते रहे। जिससे मंगलवार को आरोप दर्ज करने के बाद भी आरोपियों को प्रशासन बुधवार को न्यायालय के आदेश पर जेल भेज पाया।