टूरिस्ट डेवलपमेंट और होटल एसोसिएशन की बृहस्पतिवार को लोखंडी स्थित एक होटल में बैठक आयोजित की गई। इस दौरान होटल व्यवसायियों की समस्याओं पर चर्चा हुई। इसके साथ ही पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ाने और पर्यटन स्थलों को विकसित करने की मांग की गई।
होटल स्वामियों ने कहा कि मोईला टॉप घूमने के लिए पर्यटकों की पहली पसंद है। लेकिन, यहां शौचालय और पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है। वन विभाग की ओर से यहां आने वाले पर्यटकों से शुल्क लिया जाता है पर उन्हें सुविधा नहीं दी जाती हैं। कहा कि इस संबंध में एक प्रतिनिधिमंडल वन मंत्री और वन विभाग के उच्चाधिकारियों से भेंटकर सुविधाएं स्थापित करने की मांग करेगा।
होटल स्वामियों ने कहा कि चकराता के आसपास कैंम्पिंग के लिए कनासर, देवबन, मुंडाली, मिनाव सहित अनेक स्थान हैं। लेकिन, वन विभाग कैंम्पिंग की अनुमति नहीं देता है। इसके लिए भी विभाग से मांग की जाएगी। टूरिस्ट गाइड ट्रेनिंग के लिए युवाओं को प्रशिक्षण देने की बात भी अधिकारियों के सामने रखी जाएगी। बैठक में निर्णय लिया गया कि चकराता छावनी क्षेत्र और आसपास के सभी होटल व्यवसायी साइन बोर्ड लगाएंगे। ठाणा डांडा में पेयजल और शौचालय की व्यवस्था के लिए छावनी परिषद से मांग की जाएगी। होटल स्वामियों ने कहा कि चकराता के पास घूमने के लिए सीमित पर्यटन स्थल हैं। ऐसे में मुंडाली, इंद्रोली फॉल, किमोना फॉल, कोटी बेनाल वाटर फॉल सहित अन्य पर्यटन स्थलों को भी विकसित करने पर विचार करना चाहिए। इस मौके पर एसोसिएशन के अध्यक्ष विक्रम पंवार, दिनेश चांदना, सुजात अली, विवेक अग्रवाल, पीयूष जोशी, रोहन राणा, इंद्र सिंह राणा, विपिन तोमर, सुनील राणा, निखिलेश चौहान आदि उपस्थित रहे।