चकराता। खत बनगांव के 14 गांवों के कर्मचारियों का मिलन समारोह आयोजित किया गया, जिसमें करीब 200 कर्मचारियों ने भाग लिया। समारोह में क्षेत्रीय विकास और महासू मंदिर के पुनर्निर्माण पर मंथन किया गया।
समारोह में क्षेत्रीय विकास, सड़क, पर्यटन, रोजगार और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। कर्मचारियों ने पुरोड़ी-रावना-डामटा मोटर मार्ग का वर्ष 2018 से डामरीकरण न होने पर चिंता जताते हुए शीघ्र निर्माण की मांग की। साथ ही ग्राम कोटुवा स्थित ऐतिहासिक महासू देवता मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए भी विचार-विमर्श किया गया। कर्मचारियों ने मंदिर निर्माण में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया व श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए धर्मशाला निर्माण का सुझाव भी रखा। बैठक में स्थानीय उत्पादों चिढ़का, अखरोट और आलू के चिप्स को प्रसाद के रूप में तैयार कर स्थानीय रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
ग्राम कोटुवा के समीप स्थित प्राकृतिक झरने को टाइगर फॉल की तर्ज पर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव भी रखा गया। कार्यक्रम के अध्यक्ष व सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी दिलीप सिंह तोमर ने खत बनगांव के कर्मचारियों की विकास समिति गठित करने और महिला कर्मचारियों की भागीदारी बढ़ाने पर बल दिया। उन्होंने कर्मचारियों से क्षेत्रीय विकास और मंदिर निर्माण कार्यों में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। महासू देवता मंदिर समिति के उपाध्यक्ष ने बताया मंदिर पुनर्निर्माण का नक्शा तैयार हो चुका है और अनुमानित लागत लगभग एक करोड़ रुपये है।
इस अवसर पर विद्यादत्त जोशी, जीवन सिंह तोमर, कर्मचारी समिति के संरक्षक डीआर जोशी, डीएस तोमर, अध्यक्ष बीडी जोशी, शमशेर चौहान, लाखी राम चौहान, रविंद्र चौहान, गीता राम जोशी, मुन्ना दास आदि मौजूद रहे।