साहिया। भंजरा-पंचरा स्थित बोंठा महासू देवता, डिमोऊ गांव स्थित भगवान परशुराम एवं माता रेणुका की पालकी एक रात्रि प्रवास के लिए रूपोऊ गांव पहुंचीं। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पालकियों के दर्शन किए।
रूपोऊ गांव निवासी टीकाराम रावत ने 30 वर्ष पूर्व अपने परिवार की सुख-समृद्धि, यश-कीर्ति और शुभ-लाभ की मन्नत मानी थी। और मन्नत पूरी होने पर देवी-देवताओं को अपने आवास पर आमंत्रित करने की अर्जी लगाई थी। मनोकामना पूर्ण होने पर उन्होंने देवी-देवताओं की पालकियां और पदचिह्न अपने पैतृक आवास लाने का संकल्प पूरा किया। गांव पहुंचने पर पालकियों को विधि-विधान के साथ उनके आवास में विराजमान कराया गया। पालकियों के गांव पहुंचते ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। कार्यक्रम में श्रद्धालुओं को भंडारे में प्रसाद वितरण किया गया।
इस अवसर पर देव पुजारी शुभम शर्मा, वजीर दिगंबर सिंह, भंडारी कुंवर सिंह चौहान, रमेश चौहान, संतराम चौहान, कांति चौहान, सूरत सिंह चौहान, रणवीर सिंह चौहान, सचिन चौहान आदि उपस्थित रहे।