12वीं पास दिलबर डेढ़ वर्ष से शहादरा, दिल्ली में एक बेकरी में काम करता था। श्याम ने ग्रामीणों को फोन पर बताया कि 24 फरवरी की रात को दिलबर बेकरी के गोदाम में सो रहा था। तभी दंगाइयों ने गोदाम में आग लगा दी, जिससे वह जिंदा जल गया।
श्याम ने बताया कि दंगाइयों ने उस पर भी हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। होश आने पर उसने अपने आप को गुरु तेग बहादुर अस्पताल में भर्ती पाया। उसे वहां किसने पहुंचाया, इसकी जानकारी नहीं है।
एसएसपी पौड़ी दलीप सिंह कुंवर ने दिल्ली में दिलबर की मौत होने की पुष्टि की है। वहीं, पैठाणी थानाध्यक्ष रविंद्र सिंह रोखड़ा गांव पहुंचकर दिलबर के परिजनों से मिले। उन्होंने बताया कि दिलबर का शव लेने उसके चाचा व जीजा दिल्ली रवाना हो गए हैं।