वहीं, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने दान में मिले करोड़ों के फ्रिज और मेडिकल उपकरणों को स्वास्थ्य विभाग के भंडार गृह के बाहर खुले आसमान के नीचे रखने के मामले में विभागीय अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है।
उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को हाईटेक करने के लिए 3232 स्वास्थ्य कर्मियों को सरकार की ओर से टैबलेट दिए जाएंगे। इसके अलावा राज्य अटल आयुष्मान योजना में गोल्डन कार्ड बनाने और उसका इस्तेमाल करने की प्रक्रिया का सरलीकरण किया जाएगा। प्रदेश भर में दो माह तक शिविर लगाकर 30 लाख लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाने का सरकार ने लक्ष्य रखा है।
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बृहस्पतिवार को विधानसभा स्थित कार्यालय में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। प्रदेश में अभी तक 44 लाख लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाए गए है। लगभग 30 लाख लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड नहीं बना है। सरकार की ओर से गोल्डन कार्ड बनाने और उसका इस्तेमाल करने की प्रक्रिया का सरलीकरण किया जाएगा।
साथ ही पूरे प्रदेश में ब्लाक व न्याय पंचायत स्तर पर शिविर लगा कर दो माह में 30 लाख लोगों को कार्ड बनाए जाएंगे। इसके साथ ही 104 हेल्पलाइन नंबर का विस्तार करते हुए वरिष्ठ नागरिकों व जरूरतमंदों को सभी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को हाईटेक बनाने के उद्देश्य से राज्यभर के 3232 एएनएम व कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) को राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजना के तहत टैबलेट दिए जाएंगे। अभी तक स्वास्थ्य विभाग 2137 सीएचओ व एएनएम को टैबलेट दिए जा चुके हैं। जबकि शेष 1095 को शीघ्र टैबलेट उपलब्ध कराए जाएंगे। एएनएम व सीएचओ सीधे एनएचएम पोर्टल से जुड़ कर आवश्यक डाटा और सूचनाओं का आदान-प्रदान कर सकेंगे।
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बैठक में स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी, अपर सचिव एवं महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा सी. रविशंकर, मिशन निदेशक एनएचएम सोनिका, अपर सचिव स्वास्थ्य अरुणेंद्र सिंह चौहान, स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. तृप्ति बहुगुणा, अपर सचिव गरिमा रौंकली, अपर मिशन निदेशक एनएचएम अभिषेक त्रिपाठी सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
24 घंटे में अस्पताल में भेजा जाए कोविड के लिए दान में मिला सामान
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कोविड की रोकथाम के लिए दान में मिले करोड़ों के फ्रिज और मेडिकल उपकरणों को स्वास्थ्य विभाग के देहरादून के भंडार गृह के बाहर खुले आसमान के नीचे रखने के मामले में विभागीय अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने निर्देश दिए कि विभिन्न संस्थाओं से प्राप्त समान 24 घंटे के भीतर असपतालों में पहुंच जाना चाहिए।