मुख्यमंत्री के निर्देश पर शुरू किए गए इस अभियान में प्रदेश के करीब तीन लाख 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को जोड़ा गया। इनमें से 2,67,744 विद्यार्थियों ने ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से कैसा हो मेरे सपनों का उत्तराखंड विषय पर अपने विचार और सुझाव सरकार तक पहुंचाए।
युवाओं के विचारों को नीति-निर्धारण का हिस्सा बनाएगी सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की ओर से दिए गए सार्थक व उपयोगी सुझावों को सरकार की नीतियों और विकास की दिशा में शामिल किया जाएगा। उनका कहना है कि युवा जिस उत्तराखंड की कल्पना कर रहे हैं उसे समझना और उस विजन को विकास की योजनाओं से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। हम इस पीढ़ी को इंडियन जेनरेशन मानते हैं। इनके साथ वैचारिक मंथन करने से हमें बहुत से नए विचारों को जानने और समझने का अवसर मिला है। यह पीढ़ी उत्तराखंड का भविष्य है।