उन्होंने कहा कि प्रदेश में मिलिट्री कॉलेज, आईएमए, कुमाऊं, गढ़वाल और गोरखा रेजीमेंट है, जिसका शौर्य, साहस और वीरता किसी से छिपी नहीं है। ऐसे में शौर्य स्थल को अब पंचम धाम के रूप में विकसित किया जाएगा।
एक क्लिक में मिलेगी जानकारी
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि पंचम धाम डिजिटल बनाया जाएगा। जिससे एक क्लिक करते ही लोगों को हर शहीद जवान के बारे में पूरी जानकारी मिल जाएगी। जब से हमारा देश आजाद हुआ है, तब से लेकर अब तक जितने भी जवान मातृभूमि की रक्षा करते हुए शहीद हुए हैं, उनकी पूरी जानकारी पंचम धाम में होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भी सेना के जितने भी बड़े पद हैं, उनमें उत्तराखंड के लोग मुस्तैद हैं। जो दर्शाता है कि उत्तराखंड केवल देवभूमि नहीं बल्कि वीरभूमि भी है।