अंकित वर्मा को विक्रम शर्मा की रेकी के लिए कई बार देहरादून भेजा गया। पता चला कि विक्रम शर्मा सुबह जिम अकेले जाता है जिसके बाद जिम के बाहर हत्या की साजिश रची। यशराज ने बताया कि घटना में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो उसके पिता की थी। उसने ही आरोपी आकाश प्रसाद को फ्लाइट टिकट और अन्य खर्चों के लिए यूपीआई के जरिये पैसे भेजे थे।
हरिद्वार में होटल और किराये की स्कूटी का भुगतान भी उसी के माध्यम से किया गया था। हत्या के बाद यशराज अपने पिता और अन्य साथियों के साथ फरार हो गया था। उसका पिता राजकुमार सिंह पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के मुताबिक यशराज पश्चिम बंगाल के खड़गपुर में अपनी बुआ के घर छिपा हुआ था। हाल ही में वह अपने पिता के वकील से मिलने हरिद्वार आया था और कानूनी सलाह लेने सहारनपुर पहुंचा जहां पुलिस ने उसे दबोच लिया। पुलिस अब मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
बाकी आरोपियों के भी बंगाल में छिपे होने की आशंका
विक्रम शर्मा हत्याकांड में फरार चल रहे आशुतोष, अंकित, विशाल, आकाश और जितेंद्र साहू के भी पश्चिम बंगाल में ही छिपे होने की आशंका है। पुलिस सूत्रों के अनुसार तो उत्तराखंड से झारखंड में दबिश देने गई टीमें महीनों वहां डेरा जमाए रहीं लेकिन आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी थीं। होली के पहले काले रंग की स्कॉर्पियों में विक्रम को गोली मारने वाले शूटर दिखे थे जिनका झारखंड पुलिस की टीम ने पीछा भी किया था लेकिन वह खड़कपुर के रास्ते पश्चिम बंगाल में घुस गए थे। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि इस हत्याकांड के बाकी आरोपियों ने भी छिपने के लिए पश्चिम बंगाल को ही ठिकाना बनाया होगा।