जल्द ही लागू होगी ईवी पॉलिसी
इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के लिए जल्द ही प्रभावी नीति लाई जाएगी। नए सरकारी वाहनों के क्रय में 50 प्रतिशत अनिवार्य तौर पर ईवी होंगे। इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन का प्राथमिकता के आधार पर विस्तार किया जाएगा। इसके अलावा सरकारी विदेशी यात्राओं को सीमित किया जाएगा। विजिट माई स्टेट अभियान के माध्यम से घरेलू पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। राज्य में विरासत, धार्मिक, वेलनेस, ग्रामीण व इको टूरिज्म सर्किटों के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। राज्य में वेडिंग डेस्टिनेशन को प्रोत्साहन के करने के साथ प्रवासी भारतीयों को उत्तराखंड में छुट्टियां बिताने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
स्थानीय उत्पादों की बढ़ाई जाएगी बिक्री
मेरा भारत, मेरा योगदान के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। मेड इन स्टेट अभियान के तहत स्थानीय उत्पादों की बिक्री बढ़ाई जाएगी। नागरिकों को एक वर्ष तक सोने की खरीद को सीमित करने के लिए जागरूक किया जाएगा। लोगों को कम तेल वाले भोजन से होने वाले स्वास्थ्य लाभों पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। स्कूलों, अस्पतालों व सरकारी कैंटीनों में तेल उपयोग की समीक्षा करते हुए उसके उपयोग में कमी लाए जाने के प्रयास किए जाएंगे। रसायनिक खादों की निर्भरता कम करने के लिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा।
स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा
पीएनजी कनेक्शनों के संयोजनों को मिशन मोड में चलाया जाएगा। होटल, रेस्टोरेंट व सरकारी आवासों में पीएनजी उपयोग को प्राथमिकता दी जाएगी। पीएम सूर्या घर योजना के तहत रूफ टॉप सोलर को बढ़ावा दिया जाएगा। गोबर गैस को बढ़ावा देने के लिए पंचायती व ग्राम्य विकास विभाग को निर्देश दिए गए। सोलर व विद्युत परियोजनाओं को मंजूरी देने के लिए तेजी लाई जाएगी। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय कमेटी 60 दिन में प्रस्ताव को अनुमोदन प्रदान करेगी।