देहरादून में बेरोजगार युवाओं के प्रदर्शन के दौरान हंगामा
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देहरादून में बेरोजगार युवाओं के प्रदर्शन के दौरान पथराव करने के आरोपी युवाओं के खिलाफ लगी आईपीसी की धारा 307 (जानलेवा हमला करना) हटा दी गई है। पुलिस ने शुक्रवार को सभी 13 आरोपियों को गोपनीय तरीके से मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया। मजिस्ट्रेट ने आरोपियों को अन्य धाराओं में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
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पुलिस ने बृहस्पतिवार को हुए पथराव और उपद्रव के बाद उत्तराखंड बेरोजगार महासंघ के अध्यक्ष बॉबी पंवार समेत 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें राम कंडवाल, संदीप, मुकेश सिंह, अनिल कुमार, अमन चौहान, शुभम सिंह नेगी, लुसून टोडरिया, हरिओम भट्ट, मोहन कैंथोला, रमेश तोमर, नितिन दत्त और अमित पवार शामिल थे। इन सभी को पुलिस ने बृहस्पतिवार रात अलग-अलग थानों में रखा था। सुबह मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने की चुनौती थी।
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इस प्रक्रिया को भी पुलिस ने गोपनीय तरीके से पूरा किया। साथ ही धारा 307 को हटा लिया। इसके बाद मजिस्ट्रेट ने गंभीर हमला करने और अन्य धाराओं में सभी की 14 दिन की ज्यूडिशियल रिमांड मंजूर कर दी। आरोपियों पर बलवा, पुलिस पर हमला करने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और क्रिमिनल लॉ एमेडमेंट एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी।
बिना अनुमित प्रदर्शन पर 29 पर मुकदमा
बुधवार रात को बिना अनुमति गांधी पार्क के बाहर प्रदर्शन करने, सार्वजनिक स्थान पर एकत्रित होकर लोक मार्ग में बाधा उत्पन्न कर यातायात बाधित करने के मामले में पुलिस ने बेरोजगार संघ के अध्यक्ष बॉबी पंवार सहित 29 के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। शहर कोतवाली के एसएसआई प्रमोद शाह की तहरीर पर यह कार्रवाई हुई है।