एसटीएफ ने जब जांच शुरू की तो पता चला कि इन्होंने अधिकतर कॉल व्हाट्सएप से की थी। इनमें पाकिस्तान का आईपी एड्रेस इस्तेमाल किया गया था। साथ ही दुबई के आईपी एड्रेस का इस्तेमाल कर भी कई कॉल की गई।
पांच साल में 12 करोड़ से ज्यादा की ठगी
पूछताछ में पता चला कि आरोपी एक प्रतिष्ठित कंपनी के डीलर हैं और ठगी के धंधे में उनके कुछ सीनियर भी शामिल हैं। भारत से इस तरह से ठगी गई रकम में से वे केवल तीन से पांच प्रतिशत रखते हैं और बाकी दुबई और श्रीलंका में मौजूद सीनियरों को भेज देते हैं। करीब पांच साल में आरोपी 12 करोड़ से ज्यादा रुपये लोगों से ठग चुके हैं।
सावधान रहें
पहले ऐसे किसी भी ऑफर की जांच करें, +92 और +97 नंबरों से आने वाले फोन/वाट्सअप कॉल से सावधान रहें। इन नंबरों से मिले किसी भी प्रकार के लॉटरी या अन्य किसी प्रकार के लालच में न आएं। कोई भी शक होने पर तत्काल नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून से संपर्क करें।