कुछ दिनों बाद पता चला कि राजेश नाथ को बंगलूरू की साइबर पुलिस गिरफ्तार कर ले गई है। पुलिस ने उन्हें भी नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया था। पंडिता ने इस धोखाधड़ी की शिकायत रायपुर थाने से लेकर उच्चाधिकारियों तक से की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। तब उन्होंने कोर्ट की शरण ली। इसी तरह राजेश नाथ ने एक और वाणी विहार के रहने वाले कारोबारी हरीश पोखरियाल के साथ की। हरीश पोखरियाल एक छोटी सी दुकान चलाते हैं। उनके टैक्स आदि का काम भी राजेश नाथ ही देखता था। जनवरी में राजेश नाथ ने पोखरियाल से कहा कि वह एक सिम खरीदकर उसे दे दें तो वह सब काम आसान कर देगा।
पोखरियाल ने सिम खरीदकर दिया और इसे अपने खाते से लिंक करा दिया। नाथ ने झांसा दिया था कि वह उनका सिबिल स्कोर ठीक करा देगा जिससे उन्हें आने वाले समय में लोन मिल जाएगा। लेकिन, इस बीच जनवरी के अंत में पोखरियाल को पता चला कि उनके खाते फ्रीज हो गए हैं। पता चला कि खातों में करोड़ों रुपये से ज्यादा अनाधिकृत लेनदेन हुआ है। उन्होंने राजेश नाथ से संपर्क करना चाहा तो पता चला कि साइबर ठगी के मामलों में उसे बैंगलुरू पुलिस उठाकर ले गई है। पोखरियाल ने भी धोखाधड़ी के संबंध में कोर्ट को शिकायत की जिसके आधार पर राजेश नाथ के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है।