लापता कारोबारी की तलाश में ऋषिकेश पुलिस ने मंडावर पुलिस से संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि क्षेत्र के इनामपुरा रजबहे के पास एक अज्ञात शव बरामद हुआ था। शव को शिनाख्त के लिए मोर्चरी में रखा गया, लेकिन 72 घंटे तक पहचान नहीं हो पाई। इस पर 19 जनवरी को दाह संस्कार लावारिस में कर दिया गया था।
दो जनवरी को ठानी थी हत्या की
पूछताछ में सुरेश चौधरी ने बताया कि राजकुमार गुप्ता उसकी पत्नी पर बुरी नजर रखता था। गत दो जनवरी को उसने राजकुमार गुप्ता को अपने घर पर पत्नी के साथ देखा था। तभी से ठान ली थी कि गुप्ता की हत्या करनी है। इसी लालच में गुप्ता फंस भी गए थे। उसने 15 जनवरी को गुप्ता को बापूग्राम की तरफ बुलाया और कहा कि पैसों का इंतजाम हो गया है साथ ही लड़की भी मिल जाएगी। यह सुनते ही गुप्ता उनके साथ कार में सवार हो गए। इसके बाद सोमेश्वर नगर होते हुए स्मृति वन के अंदर जंगल में ले गया। वहां पर पहले से ही सुरेश के दोनों साथी मौजूद थे। यहां तीनों ने गुप्ता की हत्या कर दी।
एक-एक लाख रुपये के लालच में हत्याकांड में हुए शामिल
सुरेश मूल रूप से गुरदासपुर स्योहरा बिजनौर का रहने वाला है। वह ऋषिकेश के बापूग्राम में रेत बजरी और भूसा सप्लाई करता है। उसके दो साथी भी वहां पर छोटा मोटा काम करते हैं। सुरेश ने दोनों को एक-एक लाख रुपये का लालच दिया और अपने साथ हत्या में शामिल कर लिया।
टीम को ढाई हजार रुपये का इनाम
मामले का खुलासा करने वाली टीम में इंस्पेक्टर रितेश शाह, एसएसआई ओमकांत भूषण, दरोगा सतेंद्र भाटी, कांस्टेबल नवनीत सिंह, मनोज कुमार, प्रवीण संधू संदीप छाबड़ी और नीरज शामिल हैं। एसएसपी ने टीम को ढाई हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की है।