इस संबंध में विभाग की ओर से कई बार स्कूल प्रबंधन को नोटिस दिए गए। लेकिन स्कूल की ओर से न तो खुद को अल्पसंख्यक संस्थान होने का प्रमाण दिया गया न ही नियम मानते हुए आरटीई में गरीब बच्चों को दाखिले दिए। ऐसे में विद्यालय की ओर से आरटीई के नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में विभाग की ओर से मान्यता रद्द कर दी गई है। जिसके चलते आगामी मार्च महीने से स्कूल बंद हो जाएगा।
इस स्कूल के करीब दो हजार छात्र-छात्राओं को प्रवेश देने के लिए आसपास के 19 विद्यालयों ने सहमति दे दी है। इसके अलावा विभाग अभिभावकों से भी राय लेकर अन्य विद्यालयों में भी सुविधा बढ़ाने पर जोर देगा।