मारपीट देख कर शहबाज के कुछ बचाने दौड़े। दोस्तों को आता देख हमलावर छात्र फरार हो गए। इसके बाद साथी छात्रों ने शहबाज को बेहोशी की हालत में अस्पताल पहुंचाया। शहबाज का आरोप है कि हमलावरों ने गत 16 फरवरी को भी उसे मारा था।
मारपीट में उसके सिर पर काफी चोट आई थी। तब आरोपियों ने कॉलेज के सीनियर से दबाव बनाकर समझौता करा दिया था। छात्र ने आशंका जताई कि उसे अब भी आरोपियों से जान का खतरा है। डर के कारण वह कॉलेज भी नहीं जा पा रहा है। प्रेमनगर थानाध्यक्ष धर्मेंद्र रौतेला ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।