देहरादून के मध्य में स्थित रोडवेज वर्कशाप को स्मार्ट सिटी योजना के तहत ग्रीन पार्क के तौर पर विकसित किया जाएगा। इस योजना को लेकर परिवहन और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के जुड़े अधिकारियों की प्रारंभिक वार्ता भी हो चुकी है।मुख्यमंत्री योजना में व्यक्तिगत तौर पर रुचि ले रहे हैं, ऐसे में योजना को अंतिम रूप देने की कोशिश तेज की गई है। जल्द ही मुख्य सचिव की अध्यक्षता योजना से जुड़े विभागों की संयुक्त बैठक होने जा रही है।
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर को व्यवस्थित और सुविधाओं से लैस करने की योजना है। योजना में सबसे ज्यादा समस्या ग्रीन बेल्ट को लेकर आ रही थी। शहर के बीच में ऐसी जगह की तलाश हो रही थी, जहां हरियाली के साथ लोगों को सैर, मनोरंजन की सुविधा विकसित की जा सके। इसी के मद्देनजर हरिद्वार रोड स्थित पांच एकड़ में फैले रोडवेज वर्कशाप की जमीन को लेकर प्रारंभिक बातचीत हुई है।
प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों के अनुसार 2005 में एमडीडीए और रोडवेज प्रबंधन के बीच समझौता हुआ था। इसमें एमडीडीए को ट्रांसपोर्ट नगर में रोडवेज को जमीन देनी थी, इसके बदले एमडीडीए को रोडवेज वर्कशाप की जमीन मिलती। रोडवेज ने ट्रांसपोर्ट नगर में कब्जा ले लिया है, लेकिन वर्कशाप की जमीन नहीं दी है। क्योंकि यह समझौता पहले सेे है, ऐसे में भूमि को लेकर कोई तकनीकी अड़चन नहीं आनी चाहिए।
ट्रांसपोर्ट नगर में जो भी कमियां हैं, उन्हें एमडीडीए के माध्यम से पूरा कर दिया जाएगा। बताया जा रहा है कि मामले में खुद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत रुचि ले रहे हैं। उनकी इच्छा है कि गांधी पार्क की तरह ही एक और ग्रीन पार्क शहर में विकसित किया जाए। जहां पर लोग परिवार के साथ कुछ पल आराम से गुजार सकें। इसी योजना को लेकर जल्द ही मुख्य सचिव की अध्यक्षता में परिवहन, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट, एमडीडीए के अधिकारियों की संयुक्त बैठक रखी गई है, जिसमें योजना के सभी पहलुओं पर विस्तार से वार्ता होगी।
परिवहन निगम मांग रहा मार्केट रेट
परिवहन निगम घाटे में चल रहा है। इसके अलावा रोडवेज के करोड़ों रुपये का राजस्व भी दूसरे विभागों में अटका हुआ है। इसके अलावा उधार से खरीदी गई बसों का कर्ज भी उतारना है। बताया जा रहा है कि ऐसे में परिवहन निगम अपनी कमजोर आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए वर्तमान में बाजार मूल्य के हिसाब से जमीन का रेट मांग रहा है।
वायु प्रदूषण का प्रभाव कम होगा
शहर में वायु प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। हर साल हजारों नए वाहन सड़क पर उतर रहे हैं। इसके अलावा पर्यटन सीजन में बाहरी वाहनों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। ऐसे में अगर ग्रीन पार्क विकसित होता है, तो वह शहर के लिए ग्रीन लंग्स का काम करेगा और प्रदूषण के प्रभाव को कम करने में मदद करेगा।
हर महीने लाखों रुपये फालतू में खर्च
आईएसबीटी से हर दिन बड़ी संख्या में बसें केवल डीजल भरने के लिए हरिद्वार बाईपास वर्कशाप पर आती हैं। इसके चलते हर महीने लाखों रुपये केवल बसों में डीजल भरवाने में ही खर्च हो जाते हैं। अगर ट्रांसपोर्ट नगर में वर्कशाप शिफ्ट हो जाती है तो रोडवेज को यह भी बचत होगी। इसके अलावा शहर में बसों के कारण लगने वाले जाम से भी छुटकारा मिलेगा।
रोडवेज वर्कशाप की जमीन बीच शहर में स्थित है। इस भूमि के उपयोग को लेकर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के सीईओ से प्रारंभिक बातचीत की गई है। अन्य औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए जल्दी ही प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
- डी.सेंथिल पांडियन , परिवहन सचिव