शुरुआत में उन्होंने 49 हजार रुपये निवेश किए। खाते में दिख रहे फर्जी मुनाफे से प्रभावित होकर उन्होंने धीरे-धीरे अलग-अलग बैंक खातों से कुल एक करोड़, 17 लाख 64 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके अलावा आरोपियों ने ब्रोकरेज शुल्क के नाम पर 70 लाख रुपये और जमा कराए। इसके बाद जब उन्होंने अपनी रकम निकालने का प्रयास किया तो आरोपियों ने पहले एक करोड़ रुपये ब्रोकरेज और फिर एक करोड़ रुपये आयकर के नाम पर जमा करने का दबाव बनाया।
इस पर उन्हें ठगी का शक हुआ। इसके बाद उन्होंने नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई और बाद में साइबर क्राइम थाना देहरादून में तहरीर दी। पीड़ित ने शिकायत में दीया मेहरा, अनन्या शास्त्री और खुद को प्रोफेसर ए. बालासुब्रमण्यम बताने वाले एक व्यक्ति सहित अन्य अज्ञात को आरोपी बनाया है। एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।